- स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय बोले- आदेशों की हो रही समीक्षा, त्रुटि मिलने पर मिलेगी राहत
- ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी नियमित, आईसीयू में स्टाफ की कमी बरकरार
रुड़की। सिविल अस्पताल में हुए चिकित्सकों के तबादलों की सूची जारी होने के बाद अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होगी। जितने चिकित्सकों का तबादला हुआ है उतने ही चिकित्सकों का स्थानांतरण किया गया है। इससे मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। ओपीडी से लेकर आपातकालीन सेवाएं पहले की तरह नियमित रूप से संचालित होती रहेंगी। बता दें कि 29 जून को शासन की ओर से तबादला सूची जारी की गई थी। जारी सूची के अनुसार, सिविल अस्पताल से सीएमएस समेत आठ चिकित्सकों का अन्य जगहों पर स्थानातंरण किया गया। वहीं अन्य जगहों से सिविल अस्पताल में चिकित्सकों की तैनाती को लेकर शासन की ओर से आदेश जारी किया गया था। शासन की ओर से जारी आदेशों के बाद चिकित्सकों को बराबर रखा गया है। हालांकि पहले से अस्पताल में स्टाफ की कमी बनी हुई है। इसके चलते आईसीयू का संचालन भी सही तरह से नहीं हो रहा है। जिससे गंभीर मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। दूसरी ओर कुछ चिकित्सक स्थानांतरण प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि तबादले निर्धारित नियमों और नीति के अनुरूप नहीं किए गए हैं। संबंधित चिकित्सकों का दावा है कि सेवा नियमों में निर्धारित प्रावधानों की अनदेखी की गई है।
हालांकि स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय ने स्पष्ट भी किया है कि स्थानांतरण आदेशों की समीक्षा कराई जा रही है। यदि किसी स्तर पर कोई चूक पाई जाती है तो संबंधित चिकित्सकों को राहत दी जाएगी।