कृषि कानूनों के समर्थन में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के साथ उत्तराखंड के किसानों की केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात को किसान संगठनों ने प्रायोजित करार दिया है। हरिद्वार के किसान नेताओं का कहना है कि सरकार किसानों में फूट डालने के लिए कुछ तथाकथित किसानों से समर्थन की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों का समर्थन करने वाले किसान भाजपा किसान संगठन के कार्यकर्ता हैं। यदि भाजपा इस तरह की राजनीतिक हरकतों से बाज नहीं आती है तो मोर्चा खोला जाएगा।
गौरतलब है कि रविवार को उत्तराखंड के कई किसानों ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के नेतृत्व में दिल्ली में कृषि मंत्री से मुलाकात कर कृषि कानूनों का समर्थन किया था। उन्होंने कृषि कानूनों को किसानों के लिए फायदेमंद बताते हुए केंद्र सरकार का धन्यवाद किया था। सोमवार को ये खबर सामने आई तो जिले के किसानों में रोष पैदा हो गया है। उन्होंने कृषि मंत्री से मिलने गए लोगों के किसान होने पर ही सवाल खड़े दिए। पूरे प्रकरण में हरिद्वार के किसान संगठनों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। किसान संगठनों ने भाजपा पर साजिश रचने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि भाजपा अब किसानों के सामने घुटने टेक चुकी है। इसके चलते किसानों को बरगलाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि आंदोलन कर रहे किसानों को बैकफुट पर लाया जा सके।
--
क्या कहते हैं किसान संगठन
सरकार किसानों का आंदोलन खत्म करने के लिए साजिश कर रही है। इसके लिए कुछ तथाकथित किसानों से प्रायोजित रूप से समर्थन का एलान कराया जा रहा है। जिन किसानों के समर्थन का एलान किया जा रहा है, उनका खेती किसानी से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है।
-महकार सिंह, जिला अध्यक्ष, उत्तराखंड किसान मोर्चा
--
जिन किसानों की ओर से कृषि कानूनों के लिए दिल्ली में केंद्र सरकार का समर्थन किया जा रहा है, वह दरअसल भाजपा किसान मोर्चा के ही पदाधिकारी हैं। भाजपा अब साजिश पर उतर गई ताकि किसानों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा की जा सके।
-पद्म सिंह भाटी, प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन
--
उत्तराखंड के जिन किसानों ने कृषि मंत्री से मिलकर कानूनों का समर्थन किया है, वह किसान है ही नहीं। वह तो भाजपा के एजेंट हैं, जो किसानों को बर्बाद करने पर तुले हैं। भाजपा चुनावी वादों को तो पूरा नहीं कर रही है, अब राजनीतिक रोटियां सेंक रही है।
-संजय चौधरी, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष भाकियू (टिकैत)
--
उत्तराखंड के किसानों की ओर से कानूनों के समर्थन की जो बात चल रही है, वह पूरी तरह गलत है। किसानों को बरगलाने के लिए कुछ तथाकथित बिजनस करने वाले लोगों को दिल्ली ले जाया गया। इनका किसानों से कोई संबंध नहीं है।
-राकेश अग्रवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन सोसायटी