रुड़की। उत्तराखंड किसान मजदूर रक्षा दल की अगुवाई में सोमवार को बड़ी संख्या में किसान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। साथ ही ओलावृष्टि से अलग-अलग क्षेत्रों में हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई। इस दौरान उन्होंने जून माह में ही बकाया गन्ना भुगतान कराने की भी मांग की। साथ ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में किसानों ने बताया कि सात और आठ जून की रात में आंधी और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा पेड़ों और घरों को भी क्षति पहुंची है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से तंग किसानों को जल्द ही ओलावृष्टि और आंधी से हुए नुकसान का मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने लेखपाल की ओर से किए गए नुकसान की सर्वे रिपोर्ट भी संगठन को उपलब्ध कराने की मांग की। इससे पहले कई ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर विभिन्न गांवों से किसान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। उन्होंने किसानों का बकाया गन्ना भुगतान में जून कराने की गुहार लगाई। किसानों की मांगों पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस मौके पर संगठन के जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह, आदर्श मोहन शर्मा, रमेश प्रधान, बलजोर सिंह, राकेश लोहान, चंद्रपाल सिंह, महावीर राठी, अशोक राणा, दीपक, उपेंद्र, सतीश आदि उपस्थित थे।
जून में मिलों ने बकाया भुगतान का दिया भरोसा
रुड़की। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के समक्ष सोमवार की शाम मिल प्रबंधन और उत्तराखंड किसान मोर्चा के संगठन के प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता हुई। इस दौरान बकाया गन्ना भुगतान को लेकर दोनों पक्षों में सहमति बनी।
उत्तराखंड किसान मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड ने बताया कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित के समक्ष हुई वार्ता में उत्तम शुगर मिल के महाप्रबंधक विजय गुप्ता और इकबालपुर शुगर मिल प्रबंधन के प्रतिनिधि वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक पवन ढींगरा शामिल हुए। वार्ता के दौरान उत्तम शुगर मिल ने 30 जून तक किसानों को 10 करोड़ बकाया भुगतान देने की सहमति प्रदान की। वहीं दूसरी ओर इकबालपुर शुगर मिल प्रबंधन ने 30 जून तक पांच करोड़ रुपये भुगतान की सहमति प्रदान की है। किसान संगठन ने निर्धारित समय में गन्ना भुगतान नहीं होने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर किसान मोर्चा की ओर से चौधरी राजेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, आदित्य, सेठपाल, सुरेंद्र, धमेंद्र, प्रेमसिंह आदि शामिल थे।