रुड़की/मंगलौर। जुबिलेंट भारतीय फाउंडेशन की ओर से सड़क सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं को यातायात के नियमों की जानकारी दी। साथ ही अभिभावकों से अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने के लिए नहीं देने की अपील की।
मंगलवार केंद्रीय विद्यालय-एक में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एआरटीओ ज्योति शंकर मिश्रा ने बताया कि सभी को गाड़ी चलाते समय या पैदल चलते वक्त दूसरों का सम्मान करना चाहिये और उनकी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिये। पूरे विश्व भर में प्रतिवर्ष 13 लाख लोग सड़क हादसों में अपनी जान गवां देते हैं। भारत में प्रतिवर्ष लाखों लोगों की सड़क हादसे में मौत हो जाती है। उन्होंने बताया कि शराब पीकर गाड़ी चलाना, बिना हेलमेट के बाइक चलाना एवं मोबाइल पर बातें कर वाहन चलाना सड़क हादसों का सबसे प्रमुख कारण है। यातायात निरीक्षक मोहम्मद अकरम ने विद्यार्थियों को सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं और बचाव की जानकारी दी। इस मौके पर फाउंडेशन के राजेंद्र सिंह बिष्ट, एआरटीओ प्रवर्तन संजय तिवारी, प्राचार्य विपिन कुमार त्यागी, पूनम कुमारी, शशिकांत दीक्षित, एसएस रावत, नीलम सिंह, प्रवेश कुमार, देवी सिंह आदि मौजूद रहे।
उधर, मंगलौर में सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत मदरसातुल मोमिनीन के छात्रों व अध्यापकों ने यातायात पुलिस के नेतृत्व में एक रैली का आयोजन किया। इसमें लोगों को यातायात संबंधी नियमों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही मदरसा परिसर में शिविर लगाकर लोगों को यातायात संबंधी जानकारी दी गई। यातायात निरीक्षक मोहम्मद अकरम ने बताया कि सड़क पर चलते समय अपनी लाइन में चलें और नियंत्रित गति में ही वाहन को चलाएं। उन्होंने अभिभावकों व अध्यापकों से अपील की है कि वह नाबालिगों को वाहन न दें। प्रभारी निरीक्षक प्रदीप चौहान ने कहा कि यातायात के नियमों का पालन करें और पुलिस को सहयोग दें। इस मौके पर मुफ्ती मासूम कासमी, आबिद अंसारी, मनसब राणा, परिवहन विभाग से प्रवर सहायक संजय तिवारी, प्रवर्तन पर्यवेक्षक राकेश थपलियाल, जितेंद्र कुमार, आजाद सिंह, प्रभाकर थपलियाल आदि मौजूद रहे।