साहब लिखकर दे दो, ताकि बेटी की शादी के लिए बैंक से रुपये निकाल सकें। बुधवार को शादी का कार्ड लेकर पहुंची एक महिला यह बात कहते हुए इधर-उधर काफी देर तक भटकती रही। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से महिला को समझाया कि ऐसा कोई नियम नहीं है।
ढंडेरा निवासी अर्चना बुधवार को कोतवाली रुड़की पहुंची। अर्चना के हाथ मेें शादी का एक कार्ड था। उसने बताया कि 23 नवंबर को उसकी बेटी की शादी है। उसका खाता नगला इमरती सहकारी बैंक की मिनी शाखा, ढंडेरा में है। शादी के इंतजाम के लिए वह 40 हजार निकालने के लिए बैंक गई थी। लेकिन वहां बैंककर्मियों ने बताया कि वह रुपये नहीं दे सकते यदि उसके यहां शादी है तो इसके लिए पुलिस से लिखवाकर ले आए। इस पर वह कोतवाली आई। महिला काफी देर तक इधर से उधर पुलिसकर्मियों और दरोगा आदि से मिन्नत करती रही। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ऐश्वर्य पाल ने महिला को बताया कि ऐसा कोई आदेश नहीं है कि रुपये निकालने के लिए पुलिस की मोहर या पुलिस अधिकारी की संस्तुति ली जाए। उन्होंने बताया कि वह रुपये निकालने के लिए बैंक अधिकारियों से ही संपर्क करे।
'बैंक के किसी कर्मचारी या फिर अधिकारी ने उपभोक्ता को यह नहीं कहा है कि वह रुपये निकालने के लिए पुलिस से लिखवाकर लाए। बैंक में रुपये नहीं है। जिस कारण उपभोक्ताओं को रुपये नहीं दिए जा रहे हैं। यदि उनकी शाखा को रुपये दिए जाते हैं तो वह उपभोक्ताओं रुपये दे पाएंगे।
बुनेश कुमार, एमडी, सहकारी मिनी बैंक, नगला इमरती, ढंडेरा
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
रुड़की। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ऐश्वर्य पाल ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति बैंक से रुपये निकालने को लेकर कोई अफवाह फैलाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। महिला को किसने शादी का कार्ड लेकर कोतवाली भेजा, इसकी भी जांच की जा रही है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।