नगर आयुक्त ने संपत्ति विभाग से जुड़े दस्तावेजों को नहीं सौंपे जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। अलमारी की चाबी नहीं मिलने की बात सामने आने पर उन्होंने वीडियोग्राफी कराते हुए ताला तोड़कर सभी दस्तावेजों को कब्जे में लेने के निर्देश दिए हैं।
नगर आयुक्त की ओर से करीब दो माह पूर्व विभागों के प्रभारियों में बदलाव किया था। इस दौरान संपत्ति विभाग के प्रभार में बदलाव किया था लेकिन जिस कर्मचारी को प्रभार मिला, उसकी ओर से शिकायत की गई है कि बार-बार कहने के बाद भी सभी फाइलें नहीं दी जा रही हैं। इस संबंध में अधिकारियों की ओर से भी सभी फाइलें सौंपने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जिस अलमारी में फाइलें रखीं हैं, उसकी चाबी नहीं मिलने की बात सामने आई। शनिवार को नगर आयुक्त ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और अधिकारियों को अलमारी का ताला तोड़कर वीडियोग्राफी कराते हुए सभी फाइलें अपने संरक्षण में लेने के निर्देश दिए हैं।
फाइल हुई गुम, पांच लाख के दिए हैं चेक
शनिवार को पूर्व मेयर यशपाल राणा, वरिष्ठ व्यापारी नेता प्रमोद जौहर को साथ लेकर नगर आयुक्त के पास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बताया कि नगर निगम के एक कर्मचारी ने निगम की दुकान के नामांतरण की प्रक्रिया पूर्ण कराने के लिए पांच लाख के चेक लिए थे और कुछ नकदी भी ली थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही नहीं संबंधित प्रकरण की फाइल भी नहीं मिल रही है। नगर आयुक्त राकेश चंद्र तिवारी ने मामले में जांच कर समाधान का आश्वासन दिया है। वहीं, इस दौरान एक अन्य व्यापारी ने भी इसी तरह की शिकायत दर्ज कराई।