रुड़की। शहर की एक कालोनी में पिछले चार दिन से एक जर्मन महिला ठहरी हुई है, लेकिन खुफिया विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। महिला को अपने घर में ठहराने वाले परिवार ने भी खुफिया विभाग को इसकी जानकारी देना जरूरी नहीं समझा। सोमवार को परिवार के साथ विदेशी महिला अचानक कोतवाली पहुंची तो मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने परिवार को फटकार लगाते हुए विभाग को जगाया। अलर्ट के समय खुफिया विभाग की सुस्ती से तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं।
पंजाब के पठानकोट में हुए आतंकी हमले के बाद जिले में अलर्ट घोषित किया हुआ है। संवेदनशील स्थानों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश आला अधिकारियों की ओर से दिए गए हैं। खासकर दिल्ली पंजाब से आने जाने वाली ट्रेनों को खंगाला जा रहा है। अलर्ट के बीच खुफिया विभाग सोया हुआ है। इसका ताजा नमूना सोमवार को शहर में सामने आया। एक शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचे परिवार के साथ विदेशी महिला देखकर पुलिस ने जानकारी ली।
परिवार ने बताया कि चार दिन से विदेशी महिला उनके घर पर ठहरी हुई है। यह सुनकर पुलिस के होश उड़ गए। पुलिस ने पूछा कि क्या इसकी जानकारी उन्होंने खुफिया विभाग या पुलिस को दी है, परिवार ने ना में सिर हिलाया तो पुलिस ने फटकार लगाई। साथ ही खुफिया विभाग को भी सूचना दी। इसे चूक कहें या लापरवाही, पर बड़ा सवाल यह है कि विदेशी नागरिक के साथ कोई अनहोनी हो जाए तो इसके लिए कौन जिम्मेदार हो।
हरिद्वार के आश्रम में पहुंची है महिला
जर्मन महिला ने पूछताछ के दौरान एसएसआई गोविंद कुमार और मीटिंग में रुड़की पहुंचे कलियर एसओ महेश जोशी को बताया कि वह हरिद्वार के एक आश्रम में पहुंची है। आश्रम के बाबा उसके गुरु हैं। रुड़की निवासी महिला उसकी मित्र है। मित्रता के नाते वह चार दिन से उनके घर में रुकी है।