गणेश चतुर्थी महोत्सव पर रामनगर शनिदेव मंदिर समिति की ओर से भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का गंगनहर में विसर्जन किया गया।
रामनगर शनिदेव मंदिर सेवा समिति की ओर से भगवान श्री गणेश चतुर्थी महोत्सव के समापन पर भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को समिति के समस्त सदस्यों एवं श्रद्धालुओं ने शारीरिक दूरी का पालन करते हुए लक्ष्मीनारायण मंदिर स्थित गंगनहर घाट पर विधिवत पूजा अर्चना के साथ विसर्जित किया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने ‘गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस जल्दी आना’ के जयकारे भी लगाए गए। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी समिति की ओर से भगवान श्री गणेश चतुर्थी महोत्सव का यह पर्व मनाया गया है। परंतु इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते इस पर्व को सादगी से मनाया गया। इस मौके पर गणेश भगवान का विसर्जन गंगा में विधिवत रूप से पूजा अर्चना कर किया गया है। इस अवसर पर कृष्णा गोपाल आहूजा, मनी आहूजा, पार्षद पंकज सतीजा, पप्पी, लकी, हर्षित, पिंकी, धर्मपाल आदि मौजूद रहे।
गणेश उत्सव पर श्रद्धालुओं ने की पूजा
रुड़की। जीवनदीप आश्रम रुड़की स्थित श्री सिद्धबली हनुमान मंदिर में जीवनदीप पीठाधीश्वर वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी महाराज ने गणपति की स्थापना की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना भी की। जीवनदीप आश्रम में गणेश उत्सव की धूम है। इस मौके पर महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी महाराज ने इस बार मिट्टी के गणेश की स्थापना न करके आश्रम में धातु की गणेश मूर्ति की प्रतिष्ठा करवाई है ताकि जल प्रदूषण से बचा जा सके और प्रतिदिन गणेश उत्सव धूमधाम से भक्तों द्वारा मनाया जा रहा है। इस मौके पर गंगनहर कोतवाली प्रभारी मनोज मैनवाल ने गणेश की पूजा अर्चना की और लड्डू का भोग लगाया। इस दौरान करोना संकट के चलते सरकार के बताए निर्देशों का पालन किया गया। इस मौके पर प्रवीण सब्बरवाल, नूतन सब्बरवाल, शिवकुमार, सुदर्शना, केपी सिंह, बारू सिंह, बृजमोहन सैनी, डॉ. बृजपाल, प्रदीप, ललित, मनोज पांडे और प्रबंधक जीवन दी आश्रम मोहित शास्त्री मौजूद रहे।