खानपुर क्षेत्र के बालावाली घाट पर तटबंध का निरीक्षण करते एसडीएम।
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पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही झमाझम बारिश के चलते शनिवार को गंगा का जलस्तर बढ़ता रहा। शाम होते-होते जलस्तर बढ़कर चेतावनी रेखा के करीब पहुंच गया। खानपुर में गंगा 292.30 मीटर पर बह रही है, जो चेतावनी रेखा 293 मीटर से कुछ ही कम है। पानी बढ़ने से बाढ़ की आशंका के मद्देनजर तहसील प्रशासन सतर्क हो गया। शनिवार को लक्सर एसडीम ने बालावाली के पास तटबंध का निरीक्षण किया और बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को 24 घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।
पिछले कुछ दिनों से पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही झमाझम बारिश के चलते शुक्रवार से ही गंगा का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया था। ऐसे में तहसील क्षेत्र में गंगा किनारे बसे गांव के ग्रामीणों के चिंता भी बढ़ने लगी है। कारण, यहां गंगा किनारे बना दस किमी लंबा तंटबध तीन जगहों पर ध्वस्त पड़ा है। ऐसे में यदि गंगा का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंचता है तो बाढ़ का पानी टूटे तटबंध से कृषि भूमि पर फैलकर आबादी में घुसकर तबाही मचा सकता है। शुक्रवार को जहां क्षेत्र में गंगा का जलस्तर 291.70 मीटर दर्ज किया गया था वहीं शनिवार दोपहर 12 बजे यह 292.00 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से करीब एक मीटर नीचे था। वहीं, शाम पांच बजे 292.30 मीटर दर्ज किया गया जबकि चेतावनी स्तर 293 मीटर है। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की आशंका के मद्देनजर शनिवार को लक्सर एसडीएम पूरण सिंह राणा ने बालावाली के पास तटबंध और सिंचाई विभाग की ओर से बनाई गई ठोकरों (पुश्ते) का निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने क्षेत्र की चारों बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को 24 घंटे मुस्तैद रहने के लिए कहा है।
इन गांवों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
पंडितपुरी, रामपुर रायघाटी, महाराजपुर, कलसिया, डुमनपुरी, बालावाली, खानपुर क्षेत्र के बादशाहपुर, खानपुर, इदरीशपुर, शेरपुरबेला समेत उत्तर प्रदेश के रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला आदि।