बारिश रुकने से गंगा का जलस्तर भले कम हो गया हो, लेकिन ग्रामीणों को अब भी बाढ़ का खतरा सता रहा है। प्रशासन के साथ ग्रामीण भी नदी के जलस्तर पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। वहीं, प्रशासन ने ग्रामीणों से नदियों के किनारे न जाने की अपील की है।
पिछले दो से तीन दिनों तक हुई बारिश से गंगा, सोलानी और बाण गंगा नदियों का जलस्तर बढ़ गया था। इससे तटवर्ती इलाकों में बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा था। जलस्तर को देखकर प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी कर ग्रामीणों से नदियों के आसपास न जाने की अपील की गई थी। बुधवार सुबह से बारिश थमने और मौसम खुलने के बाद ग्रामीणों ने फौरी तौर पर राहत की सांस ली है, लेकिन अब भी ग्रामीणों को बाढ़ का खतरा सता रहा है। वजह, पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से नदियों में लगातार पानी आ रहा है। मंगलवार को गंगा का जलस्तर 292.55 मीटर था तो वहीं बुधवार दोपहर एक बजे तक 292.25 मीटर दर्ज किया गया। वहीं, प्रशासन ने ग्रामीणों से गंगा के पास खेतों में न जाने की अपील की है। साथ ही बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम पूरण सिंह राणा ने बताया कि गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।