पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को गंगा नदी का जलस्तर इस बरसात में पहली बार चेतावनी निशान को पार कर गया। दोपहर करीब एक बजे गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर 293 मीटर से बढ़कर 293.05 मीटर दर्ज किया गया। इससे नदी किनारे बसे गांवों के लोगों में बाढ़ की आशंका गहरा गई है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद बालावाली से उत्तर प्रदेश के रामसहायवाला तक लगभग 10 किलोमीटर लंबे क्षतिग्रस्त तटबंध के रास्ते बाढ़ का पानी खानपुर और लक्सर क्षेत्र की कृषि भूमि में फैल गया। इससे बड़ी संख्या में किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। क्षेत्रीय किसान रवि पाल, मदन सिंह, रहतू सिंह, बृजेश कुमार और नफे सिंह ने बताया कि बाढ़ के पानी से गन्ना, धान और पशुओं के लिए उगाया गया हरा चारा जलमग्न हो गया है। किसानों का कहना है कि पहले आई बाढ़ का पानी अभी पूरी तरह सूखा भी नहीं था कि दोबारा खेतों में पानी भर गया। वहीं, तहसील प्रशासन नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। किसानों ने शासन-प्रशासन से फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।