साथ बैठकर शराब पीने के दौरान हुए विवाद में युवक के साथ मारपीट कर उसे तालाब में फेंक दिया गया। दो दिन बाद युवक का शव तालाब से बरामद हुआ। मुकदमा दर्ज कर हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपी दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया।
लक्सर कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण ने बताया कि 16 अक्तूबर को टांडा महतौली गांव में बूरा फैक्टरी स्थित तालाब से एक युवक का शव बरामद हुआ था। पुलिस के प्रयास से शव की पहचान नितिन (23) निवासी ग्राम के रूप में हुई थी। परिजन ने बताया था कि नितिन 14 अक्तूबर से घर से लापता था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
मामले में मृतक के भाई नवीन ने गांव के ही आरोपी कंवरपाल उर्फ कल्लू उसके भाई रवि और भतीजे रजत के खिलाफ मारपीट कर नितिन को तालाब में फेंकने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही थी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण, वरिष्ठ उपनिरीक्षक लोकपाल परमार, उपनिरीक्षक हरीश गैरोला, एएसआई रंजीत नौटियाल, हेड कांस्टेबल रियाज अली और कांस्टेबल हिमांशु चौधरी ने जाल बिछाकर दो आरोपियों कंवरपाल उर्फ सुमित उर्फ कल्लू व रजत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने युवक के साथ मारपीट कर उसे तालाब में फेंकने की बात स्वीकार की। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। तीसरे आरोपी की भूमिका की जांच की जा रही है।
जानलेवा नशा : एक ने गंवा दी जान, दो को पहुंचाया सलाखों के पीछे
नशे की हालत में भूल गए दोस्ती, रहता होश तो शायद बच जाती जान
राजीव नामदेव
लक्सर। मृतक नितिन और आरोपी कंवरपाल व रजत के बीच गहरी दोस्ती थी। वह अक्सर साथ बैठकर खाते पीते थे लेकिन शराब का नशा सिर चढ़ा तो आरोपियों को पुरानी दोस्ती का भी ख्याल न रहा। उन्होंने नितिन के साथ मारपीट कर उसे तालाब में फेंक दिया। आरोपी यदि होशोहवास में होते तो नितिन को तालाब से बाहर निकाल लेते और शायद उसकी जान बच जाती। वहीं, शराब के नशे में होने के कारण नितिन भी तालाब से बाहर नहीं निकल पाया।
कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण ने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार हुए आरोपियों ने बताया कि वह तीनों आपस में अच्छे दोस्त थे। 14 अक्तूबर की रात को तीनों तालाब के निकट साथ बैठकर शराब का सेवन कर रहे थे। इस दौरान उन्हें अधिक नशा हो गया। नशे की हालत में ही उनके बीच कहासुनी हुई जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।
मारपीट करते हुए वह तालाब के निकट पहुंच गए और पुरानी दोस्ती को भूलकर उन्होंने नितिन को तालाब में धक्का दे दिया। इसके बाद वह अपने घर चले आए। वहीं, नशे की हालत में होने के कारण नितिन भी तालाब से बाहर नहीं निकल पाया और तालाब में गिरकर उसकी मौत हो गई। बाद में उन्हें गलती का अहसास हुआ। पुलिस के डर से वह कहीं दूर भागने का प्रयास कर रहे थे लेकिन इससे पूर्व ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।