उत्तराखंड पारिस्थितिकीय पर्यटन सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष दर्जाधारी राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने कहा कि प्रदेश में वन संपदा के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। उत्तराखंड के पारिस्थितिकी तंत्र, आस्था और धार्मिक भावनाओं के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं तेजी से धरातल पर उतर रही हैं।
ओमप्रकाश जमदग्नि ने शनिवार को लक्सर में वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने अवैध पातन और वन्य जीवों के अवैध शिकार पर प्रभावी अंकुश लगाने और कड़ी कार्रवाई के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि दीपावली पर्व पर कछुआ और उल्लू के शिकार की घटनाएं सामने आती हैं। इसके लिए वन क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के साथ शिकारियों की निगरानी के लिए कदम उठाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि वह कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के भ्रमण के दौरान विभागीय संसाधनों, चुनौतियों और आवश्यकताओं की जानकारी जुटा रहे हैं। व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्य किया जाएगा। लक्सर में रेंज कार्यालय के जर्जर भवन पर उन्होंने कहा कि इसके लिए शीघ्र बजट आवंटित कराया जाएगा। कार्यालय के नए भवन का निर्माण और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों से उनकी समस्याएं भी सुनीं और शासन से उनके निस्तारण का आश्वासन दिया। इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अंबरीश गर्ग, वरिष्ठ नेता जितेंद्र चौधरी, शिवम त्यागी, वन क्षेत्राधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी, अनीस सैनी, सोनी पंवार, गुरजंट सिंह, भोपाल सिंह सहित विभागीय अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।