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फ्रांस के राष्ट्रपति के बयान की निंदा

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कलियर में नायब तहसीदार को ज्ञापन देते जमियत के पदाधिकारी। - फोटो : ROORKEE
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फ्रांस के राष्ट्रपति के बयान को लेकर हरिद्वार जिले की तंजीम अंजुमन गुलामाने मुस्तफा सोसायटी की कलियर इकाई ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के चलते वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन नहीं करेंगे, बल्कि हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार कर अमन चैन और शांति का पैगाम देंगे।
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पिरान कलियर स्थित एक गेस्ट हाउस में अंजुमन गुलामाने मुस्तफा सोसायटी के सेकेट्री हाजी चौधरी शादाब कुरैशी और कलियर इकाई के पदाधिकारी गुलशाद सिद्दीकी व सूफी राशिद साबरी ने एक प्रेसवार्ता कर फ्रांस के राष्ट्रपति द्वारा पैगंबर हजरत मोहम्मद की शान में गुस्ताखी प्रकरण को लेकर निंदा की। हाजी चौधरी शादाब कुरैशी और सूफी राशिद साबरी ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब मानवीय मूल्यों के उच्चतम शिखर को स्थापित करते हैं, इसलिए हम क्या दुनिया का कोई भी मुसलमान प्यारे नबी की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं कर सकता, इसलिए वे प्रेसवार्ता कर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए इस प्रकरण को लेकर संगठन की ओर से कोई धरना प्रदर्शन या जलसा नहीं किया जाएगा। इस मौके पर सूफी राशिद साबरी और गुलशाद सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।
फ्रांस की घटना की निंदा, प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
पिरान कलियर। कलियर में जमीयत उलेमा हिंद के कार्यालय पर एक बैठक हुई। इसमें फ्रांस में हुई घटना की निंदा की गई। इसके बाद एक ज्ञापन नायब तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा गया।
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पिरान कलियर स्थित जमीयत उलेमा हिंद के प्रदेश कार्यालय पर जमीयत उलेमा हिंद की एक बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता जमीयत उलेमा हिंद के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना हुसैन और संचालन जिला अध्यक्ष मौलाना शराफत अली ने किया। मौलाना हुसैन ने कहा कि फ्रांस में जो घटना हुई है, जमीयत उसकी निंदा करता है और तमाम मुस्लिम लोगों से अपील करता है कि जज्बात में आकर कोई ऐसा कदम न उठाए, जिससे इस्लाम और नबी बदनाम हों। जमीयत उलेमा हिंद ने फ्रांस में हुई घटना के संबंध में एक ज्ञापन नायब तहसीलदार सुरेश पाल के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा है। इस अवसर पर मुफ्ती ताजिम, मौलाना नवाब, मुफ्ती राशिद कासमी, मौलाना अब्दुल वाहिद, कारी सुलेमान कारी, जाहिद हसन, मोहम्मद रईस, मौलाना इकराम, मौलाना मुसर्रत और हाजी शमीम आदि उलेमा मौजूद रहे।
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