कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत जमीन बेचने का झांसा देकर एक कंपनी से 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित कंपनी मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
देहरादून के सहस्त्रधारा रोड स्थित सूर्यांश इंस्टीट्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर विरेंद्र सिंह चौहान ने दी तहरीर में बताया कि कंपनी ने लंढौरा निवासी लोकेंद्र वर्मा से मौजा लंढौरा स्थित 10 हजार 500 वर्ग फीट जमीन खरीदने का सौदा किया था। यह सौदा 50 लाख रुपये में तय हुआ था। मैनेजर का आरोप है कि 23 जुलाई 2024 को हुए समझौते के तहत कंपनी ने बयाने के रूप में लोकेंद्र वर्मा के बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से कुल 25 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे।
इकरारनामे के अनुसार, भूमि का खाता विभाजन कराने के बाद शेष राशि देकर 23 दिसंबर 2024 तक बैनामा (रजिस्ट्री) होना था। आरोप है कि लोकेंद्र ने न तो भूमि का विभाजन कराया और न ही बैनामा किया। कंपनी ने जब इस संबंध में 14 जुलाई, दो अगस्त और 13 अगस्त 2025 को कानूनी नोटिस भेजे तो आरोपी लोकेंद्र ने जमीन बेचने से साफ इन्कार कर दिया।
तहरीर में कहा गया कि आरोपी ने स्पष्ट रूप से कहा कि उसका इरादा जमीन बेचने का कभी था ही नहीं बल्कि उसने धोखाधड़ी करके कंपनी के 25 लाख रुपये हड़पने के लिए ही यह रसीद और इकरारनामा तैयार किया था। कोतवाल भगवान सिंह मेहर ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर आरोपी लोकेंद्र वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही हैं।