दो लोगों ने विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दस से भी अधिक युवकों से लाखों रुपये की ठगी कर ली। जब पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी तो पहले आरोपियों ने बहाने बनाए और अब रुपये वापस देने से इनकार कर दिया। पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। इसके आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मंगलौर के मोहल्ला बंदरटोल निवासी इदरीश ने बताया कि पिछले साल फरवरी माह में भंगेड़ी निवासी एक परिचित ने रुड़की के मोहल्ला माहिग्रान निवासी एक युवक से मुलाकात कराई थी। युवक ने बताया था कि वह विदेश में युवकों की अच्छी तनख्वाह पर नौकरी दिलवाता है।
उसके झांसे में आकर वह अपने बेटे अलाउद्दीन की विदेश में नौकरी लगवाने के लिए तैयार हो गए। आरोप है कि युवक ने नौकरी के लिए कागजी कार्रवाई को साढ़े दस हजार रुपये देने की बात कही। साथ ही उनके बेटे का पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाण पत्र भी देने के लिए कहा।
उसके झांसे में आकर उन्होंने युवक को सभी चीजें दी। इस बीच युवक ने बताया कि वह अन्य युवकों की भी नौकरी लगवा सकता है। इस पर उनके बेटे अलाउद्दीन ने अपने साथी साकिब पुत्र अय्यूब और जावेद पुत्र रईस लिब्बरहेड़ी, मुनीर पुत्र इकबाल, साहिब पुत्र नसीम, तंजीम पुत्र तहसीन, इसरार पुत्र याकूब निवासी बंदरटोल, मंगलौर, अरशद तथा इंतजार निवासी मंगलौर और इकराम निवासी जटौल, झबरेड़ा की युवक से मुलाकात करवाई।
इन युवकों ने भी उसे रुपये और अपने प्रमाण पत्र दे दिए। युवक ने सभी की कनाडा में डेढ़ लाख रुपये मासिक वेतन का झांसा दिया। साथ ही बताया कि इस काम के लिए चार माह का समय लगेगा। आरोप है कि चार माह बीतने के बाद भी युवक ने नौकरी नहीं लगवाई। युवकों ने उससे अपनी रकम वापस करने की बात कही तो आरोपी युवक ने उन्हें तीन चेक दिए। लेकिन चेक बैंक में लगाए तो वह बाउंस हो गए। आरोप है कि अब युवक रुपये वापस करने में आनाकानी कर रहा है। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। एसआई बारु सिंह चौहान ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।