जल संस्थान के पाइपलाइन के कार्य स्थल पर काम करने वाली कॉन्ट्रेक्ट कंपनी के अंतर्गत कार्यरत जेई निखिल हत्याकांड में आखिरकार पीड़ित परिवार को कोर्ट से न्याय मिला है। तमाम सबूतों और गवाहों के मद्देनजर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश (रुड़की) अंबिका पंत ने चार श्रमिकों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी श्रमिकों पर 2.05 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड न भुगतने पर दोषियों को एक साल 6 माह का अतिरिक्त कारावास काटना पड़ेगा।
अधिवक्ता अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि जल संस्थान में पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा था। वहां एक कॉन्ट्रेक्ट कंपनी के केयरटेकर व अन्य अधिकारी-कर्मचारी काम कर रहे थे। वहां 13 सितंबर 2021 को जेई निखिल कार्यस्थल पर हो रहे काम की देखरेख के लिए गए थे जहां श्रमिक सन्नी निवासी डंडोली खेड़ा, थाना चिलकाना सहारनपुर और जॉनी कुमार, अनुज व अर्जुन निवासी गांव ढकदेई थाना नकुड़ सहारनपुर से कहासुनी हो गई थी।
उस दौरान मामला जैसे-तैसे निपट गया। आरोप था कि घटना के दिन दोपहर करीब 3:30 बजे चारों श्रमिक बाइक पर जेई निखिल के घर पहुंचे थे और घर में घुसकर सिर पर ताबड़तोड़ लोहे के पाइप से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उनको निजी अस्पताल ले जाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद वहां से सरकारी अस्पताल और फिर हायर सेंटर एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर कर दिया गया था।
उपचार के दौरान 17 सितंबर को हायर सेंटर में जेई निखिल की मौत हो गई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मामले में पुलिस ने मृतक निखिल के चाचा उपेंद्र मलिक निवासी गांव बहावड़ी जिला शामली उत्तरप्रदेश, हाल पता बसंत विहार कॉलोनी, दिल्ली-हरिद्वार रोड, कोतवाली मंगलौर की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। 23 दिसंबर 2021 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। अब दो अप्रैल 2026 को कोर्ट ने चारों श्रमिकों को उम्र कैद की सजा सुनाई है।