पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं उपराष्ट्रपति का चुनाव लड़ चुके पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दिग्गज नेता काजी रशीद मसूद का सोमवार सुबह रुड़की स्थिति उनके भतीजे के अस्पताल में निधन हो गया। 73 वर्षीय मसूद पिछले कई दिनों से कोरोना संक्रमित थे। सुपुर्द-ए-खाक के लिए शव को गंगोह स्थित उनके पैतृक आवास ले जाया गया है। हरिद्वार जनपद की राजनीति में गहरी पैठ रखने के वाले मसूद के निधन से क्षेत्र के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। साथ ही भारतीय राजनीति में अपूरणीय क्षति बताया है।
उनके भतीजे शादात मसूद के अनुसार, पूर्व केंद्रीय मंत्री काजी रशीद मसूद पिछले कई दिनों से कोरोना संक्रमित थे। उन्हें करीब 20 दिन तक दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार होने पर पिछले सप्ताह उन्हें घर लाया गया था। रविवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी तो दिल्ली ले जाने की व्यवस्था की गई, लेकिन हालत ज्यादा खराब होने पर उन्हें रुड़की स्थित उनके भतीजे इरशाद मसूद के अस्पताल लाया गया। यहां सोमवार सुबह करीब पौने नौ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। काजी रशीद मसूद के निधन की सूचना मिलने पर उनके समर्थकों और जानकारों में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजन सुपुर्द-ए-खाक के लिए उनके शव को सहारनपुर के गंगोह स्थित उनके पैतृक आवास ले गए। बता दें कि काजी रशीद मसूद सहारनपुर सीट से छह बार लोकसभा सदस्य चुने गए। दो बार राज्यसभा सदस्य भी रहे। वीपी सिंह की सरकार में वह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बनाए गए थे जबकि एक बार उपराष्ट्रपति का चुनाव भी लड़ चुके थे। उनके करीबी कहे जाने वाले पूर्व मंत्री रामसिंह सैनी, मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल, चौधरी कुलबीर सिंह, विधायक ममता राकेश, फुरकान अहमद और सुबोध राकेश सहित बड़ी संख्या में लोगों ने उनके निधन पर शोक जताया है।