जाली डिमांड ड्राफ्ट बनाकर लग्जरी कार खरीदने वाले 12वीं के छात्र ने एक ज्वेलर से भी दो लाख रुपये के गहने ठगने का प्रयास किया था। इसके लिए उसने जाली चेक दिया था। लेकिन संदेह पर ज्वेलर ने चेक कैश होने पर ही गहने डिलीवर करने की बात कही थी।
बुधवार को सिविल लाइंस स्थित ज्वेलर नमन मित्तल ने बताया कि 29 अगस्त को उनके पास एक फोन आया था। फोन करने वाले ने कहा था कि उसे कुछ ज्वेलरी लेनी है। पैमेंट करने के लिए क्या वह चेक दे सकता है। इस पर इन्होंने हां कर दी। उसके बाद फोन करने वाले ने बताया कि वह शाम आठ बजे उनकी दुकान पर आएगा। ठीक आठ बजते ही उनकी दुकान के आगे बिना नंबर की एक स्कोडा कार रुकी। कार से एक युवक शोरूम में आया और उसने अपना परिचय ऋतिक गोयल निवासी रामनगर के रूप में दिया।
उसके बाद उसने करीब दो लाख रुपये की ज्वेलरी पसंद की और बदले में दो लाख रुपये का चेक दिया। ज्वेलर नमन ने बताया कि उन्हें युवक की बातों पर कुछ संदेह हुआ तो कहा कि वह पहले चेक कैश कराएंगे। उसके बाद गहने डिलीवर करेंगे। लेकिन इसके लिए ऋतिक तैयार नहीं हुआ और वहां से चल दिया। बुधवार को जब उन्होंने अखबार पढ़ा तो ऋतिक गोयल की फोटो देख पता चला कि उनके साथ भी ठगी होने वाली थी। लेकिन बच गए।
शाकुंभरी में भी कार खरीदने को संपर्क
ऋतिक ने दिल्ली रोड स्थित शाकुंभरी ऑटोमोबाइल्स से भी जाली डिमांड ड्राफ्ट के जरिये कार खरीदने का प्रयास किया था। लेकिन यहां वह कामयाबी नहीं हो पाया।
दिल्ली, करनाल से ओडी खरीदने की फिराक में था
जाली ड्राफ्ट के जरिए लग्जरी कार स्कोडा हासिल करने के बाद ऋतिक को लगने लगा था कि वह अब कुछ भी कर सकता है। वह बेहद उत्साहित था। पुलिस की मानें तो ऋतिक दिल्ली या फिर करनाल से ओडी गाड़ी खरीदने की फिराक में था। लेकिन इससे पहले उसे दबोच लिया गया।