पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे मध्यमवर्गीय परिवारों को एक और झटका लगा है। खाद्य पदार्थों पर लगने वाले जीएसटी के चलते बाजार में खाद्य पदार्थों के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। इससे मध्यमवर्गीय परिवारों की रसोई का बजट बिगड़ गया है। दुकानदार आने वाले समय में महंगाई और अधिक बढ़ने की आशंका जता रहे हैं।
गृहिणी शिखा का कहना है कि हाल ही में गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने से बजट जैसे-तैसे संभाला था। अब आटा, दही और दूध भी महंगा हो गया है। अब रसोई चलानी भारी हो जाएगी। गृहिणी टीना चौहान का कहना है कि जिस तरह से जीएसटी बढ़ रहा है, उससे आने वाले समय में घर चलाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। सरकार को मध्यमवर्गीय परिवारों को कुछ राहत जरूर देनी चाहिए। बालेश्वर वर्मा के अनुुसार खाद्य पदार्थों में जीएसटी लगाया जाना मध्यमवर्गीय परिवार पर बोझ बढ़ाना है। इससे अब महंगाई और अधिक बढ़ेगी। ऐसे में आम लोगों का जीना मुश्किल हो जाएगा। वहीं सुुुशील सैनी ने कहा कि दूध-दही पर भी जीएसटी लगाना किसी भी स्थिति में ठीक नहीं है। इस बढ़ती महंगाई में आदमी अपने अन्य चीजों में तो कटौती कर सकता है लेकिन खाने में कैसे कटौती करें।
बाजार में बढ़े दामों पर एक नजर
वस्तु पहले अब
आटा 24 26
चावल 45 47
दाल अरहर 90 105
मैदा 28 30
दूध 60 65
दही 65 67-70
पनीर 360 370
नोट: सभी रेट प्रति किलो में हैं।