विषाक्त पदार्थ खाने से बीमार लोगों के घर पर शोक जताते लोग
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पथरी क्षेत्र के धनपुरा निवासी गुलाम शाबिर की पत्नी सहित पांच बच्चों के बीमार होने की वजह फूड प्वाइजनिंग रहा है। पूरे परिवार ने शनिवार को एक साथ ही खाना खाया था। तब सबने इसे भूत प्रेत का प्रकोप मानते इलाज नहीं कराया। यही वजह रही कि गुलाम शाबिर के आठ वर्षीय बेटे आयुष की मौत हो गई थी।
अन्य सदस्यों की हालत में कोई सुधार नहीं होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के डा.संदीप निगम ने बताया कि अब सबकी हालत में सुधार है। परिजनों की मानें तो सब्जी में मकड़ी गिरने से फैले जहर के कारण यह मामला हुआ।
गुलाम शाबिर की पत्नी इसराना और तीन बच्चे दानिश, शहराज, नसरीन का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। वरिष्ठ डाक्टर संदीप निगम ने बताया कि दानिश की हालत गंभीर थी, लेकिन अब हालत में सुधार है। गुलाम शाबिर की कमर में बहुत तेज दर्द था, अब उसकी हालत ठीक है। जबकि इसराना को अब फूड प्वाइजनिंग नहीं है। उसे बुखार है। अन्य लोगों की हालत ठीक है। उन्हें देखने के लिए रिश्तेदार भी भारी संख्या में अस्पताल में पहुंच रहे है। उसके एक पुत्र की मौत होने पर धनपुरा गांव में लोग पहुंच रहे हैं। मृतक पुत्र का शनिवार को ही सुपुर्द-ए-खाक कर दिया था।
मामले पर तरह-तरह की चर्चाएं
गुलाम शाबिर के परिवार ने शनिवार को ही सोयाबीन की दाल बनाकर खाना खाया था। पहले उन्हें लगा कि खाना बनाने या कोई मिलावटी मसाला डालने से पूरे परिवार की तबियत बिगड़ी है, लेकिन अब अन्य लोगों की मानें तो दाल में मकड़ी गिरी थी। हालांकि पूरा परिवार इस बात को छिपा रहा है। हालांकि उनके एक पुत्र ने भी दाल में मकड़ी गिरी होने की बात बताई है।
टीम नहीं गई
सीएमओ डा. बीएस जंगपांगी के अनुसार, उन्होंने बहादराबाद सीएचसी की टीम को निर्देशित किया था। टीम को रविवार को धनपुरा गुलाम शाबिर के घर पर जाना था। आसपास के लोगों की मानें तो उनके घर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची। सीएमओ ने बताया कि परिवार का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनसे जानकारी जुटाई जाएगी।