शिक्षा विभाग के आदेशों से प्राइवेट स्कूलों को कोई सरोकार है। इसका एक बड़ा उदाहरण यह है कि आदेश के बावजूद करीब पांच सौ प्राइवेट स्कूलों ने आरटीई के पोर्टल पर रजिस्टेशन नहीं किया है। अब शिक्षा विभाग के अधिकारी रजिस्टेशन न कराने वाले स्कूलों को चिह्नित कर कार्रवाई करने का दावा कर रहे हैं।
हर साल प्राइवेट स्कूलों को शिक्षा विभाग के बनाए गए आरटीई के पोर्टल पर रजिस्टेशन करना होता है। इसमें बच्चों की संख्या, शिक्षकों की संख्या आदि आंकड़े दर्ज किए जाते हैं ताकि आरटीई के तहत गरीब बच्चों को प्रवेश दिया जा सके। इस बार शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों को आरटीई के पोर्टल पर रजिस्टेशन कराने के लिए आदेशित किया था, लेकिन अंतिम तिथि गुजर जाने के बाद भी 884 में से 386 स्कूलों ने ही रजिस्टेशन किया है। जबकि 498 स्कूलों ने रजिस्टेशन कराने की जहमत नहीं उठाई। वहीं 386 में से 359 स्कूलों के रजिस्टेशन को नोडल ऑफिसर सत्यापित कर चुके हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी अब उन प्राइवेट स्कूलों को चिह्नित करने में जुटे हैं, जिन्होंने रजिस्टेशन नहीं किया है। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने बताया कि इन स्कूलों को चिह्नित करने का काम चल रहा है। इसके बाद इनकी मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है ब्लॉकवार स्थिति
ब्लॉक कुल रजिस्टेशन किया
बहादराबाद 286 143
भगवानपुर 114 54
खानपुर 24 25
लक्सर 109 31
नारसन 152 61
रुड़की 199 72
कुल 884 386