सिविल लाइंस कोतवाली के नगला इमरती में खनन कारोबारी पर फायरिंग के मास्टर माइंड और शूटर समेत पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके कब्जे से घटना में शामिल बाइक और तमंचा भी बरामद किया है। मामले में पुलिस एक शूटर को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दो शूटर अब भी फरार हैं। खनन के वर्चस्व को लेकर कारोबारियों को डराने के लिए यह हमला कराया गया था। शूटरों को खनन में हिस्सेदारी का लालच देकर अपने साथ शामिल किया था।
बहादराबाद थाना क्षेत्र के शांतरशाह निवासी गुलाम साबिर और उसका भाई सलमान खनन कारोबारी है। लंढौरा क्षेत्र में प्रशासन से अनुमति लेकर दोनों भाई खनन का कारोबार कर रहे हैं। 20 अक्तूबर की शाम को नगला इमरती बाईपास के पास बाइक सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने गुलाम साबिर पर फायरिंग कर दी थी। गुलाम साबिर और उसका भाई तो बाल-बाल बच गया था लेकिन हमले में एक राहगीर वारिस निवासी गाधासना घायल हो गया था। बदमाशों ने थार कार को भी गोलियाें से छलनी कर दिया था।
इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। 23 अक्तूबर को बहादराबाद क्षेत्र में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान नितीश कुमार निवासी गंगनोली, लक्सर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अन्य के नाम सामने आए थे। प्रभारी निरीक्षक ने इस मामले में सुधीर निवासी कुंआखेड़ा लक्सर को गिरफ्तार किया था। उसने बताया कि वह और मुर्सलीन निवासी इक्कड़ खुर्द थाना पथरी, हसनुज्जमा और आरिफ निवासी कस्बा लंढौरा कोतवाली मंगलौर खनन कारोबारी हैं।
सुधीर ने बताया था कि उसके साथियों ने बताया था कि गुलाम साबिर की वजह से उनका काम ठप हो गया है। वह उन्हें डराकर यहां से भगा देते हैं तो फिर खनन का सारा काम उनका हो जाएगा। इसके बाद सुधीर ने प्रीतम उर्फ कल्लू निवासी कुआखेड़ा को इसके लिए तैयार किया। साथ ही कल्लू को बताया कि खनन में उसकी हिस्सेदारी की जाएगी। इसके बाद कल्लू ने अपने साथी नितीश और दो अन्य शूटर तैयार किए। इसके बाद इन्होंने खनन कारोबारी को डराने के लिए उस पर फायरिंग की थी। सुधीर से पूछताछ के बाद पुलिस ने शूटर प्रीतम उर्फ कल्लू हसनुज्जमा आरिफ और मुर्सलीन को भी गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया अभी दो शूटर और फरार हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।