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अग्निशमन केंद्र बनकर तैयार, चलवाने की दरकार

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भगवानपुर में 60 लाख रुपये की लागत से बना अग्निशमन केंद्र पुलिस महकमे की हीलाहवाली के चलते विरान पड़ा है। चार साल से बंद पड़े केंद्र के भवन पर एक बार चोर भी धावा बोल चुके हैं। इसके बाद इस भवन की दोबारा मरम्मत करवाई जा चुकी है। अब भगवानपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इसे संचालित करने की मांग की है।
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वर्तमान में भगवानपुर कस्बा औद्योगिक क्षेत्र के नाम से जाना जाता है। यहां पर करीब चार सौ से अधिक फैक्टरी संचालित होती है। इसलिए यहां हर समय अग्निकांड का डर लगा ही रहता है। इसके साथ ही भगवानपुर ब्लॉक में ही बुग्गावाला क्षेत्र भी आता है, जो आग की घटनाओं को लेकर बेहद संवेदनशील है। ऐसे में भगवानपुर में अग्निशमन केंद्र स्थापित करने की मांग काफी दिनों से चली जा रही थी। इसके बाद भगवानपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने अपने स्तर पर भवन का निर्माण शुरू कराया, जो 2016 में बनाकर पूरा हो गया था। इस भवन का शिलान्यास 20 दिसंबर 2016 को विधायक ममता राकेश ने किया था। इसके बाद भी यह केंद्र संचालित नहीं हो पाया है। इसके बाद इस भवन से खिड़की व दरवाजे चोरी हो गए थे। ऐसे में एसोसिएशन ने 2019 के अंत में इस केंद्र का विस्तार कर मरम्मत कराई। अब यहां काम पूरा हुए भी करीब सात माह का समय गुजर चुका है, लेकिन पुलिस विभाग आज तक इस केंद्र का संचालन नहीं कर सका। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि केंद्र का संचालन हो जाता है तो आग से होने वाली हानि से बचा जा सकता है। एसपी देहात एसके सिंह ने बताया कि भगवानपुर में अग्निशमन केंद्र की काफी आवश्यकता है। औद्योगिक क्षेत्र में एसोसिएशन की मदद से भवन का निर्माण किया गया है। जल्दी ही उच्चाधिकारियों से भवन का विधिवत शुभारंभ कर उसे अग्निशमन केंद्र के सुपुर्द कराने का आग्रह किया जाएगा।
पचास से अधिक गांव हो लाभांवित
यदि यह अग्निशमन केंद्र संचालित होता है तो इससे औद्योगिक क्षेत्र के साथ ही बुग्गावाला तक के करीब पचास से अधिक गांव के लोगों को फायदा होगा। अभी तक इस क्षेत्र में आग की घटनाओं पर काबू करने का जिम्मा एक अग्निशमन की गाड़ी के पास है, जो भगवानपुर थाने में रहती है, लेकिन एक गाड़ी से चार सौ फैक्ट्रियों के साथ ही क्षेत्र के गांव का जिम्मा बड़ी चुनौती है।
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करीब 60 लाख रुपये की कीमत से केंद्र बनाकर पुलिस विभाग के सुपुर्द कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी केंद्र का संचालित नहीं किया गया है। इसे संचालित करने के लिए करीब पंद्रह दिन पहले एसएसपी को पत्र भेजा गया है।
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-- गौतम कपूर, महासचिव, भगवानपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
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