नारसन ब्लॉक के मंडावली स्थित ओनिडा फैक्टरी (मिर्क इलेक्टॉनिक्स) में बुधवार शाम कर्मचारियों को अग्निशमन का प्रशिक्षण देते समय अचानक सिलिंडर में धमाका हो गया। इसमें छह कर्मचारी घायल हो गए। इनमें से तीन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस फैक्टरी पहुंची और जानकारी ली। इसी फैक्टरी में वर्ष 2012 में हुए अग्निकांड में 12 लोग जिंदा जल गए थे।
मंडावली स्थित ओनिडा फैक्टरी में वाशिंग मशीनें बनाई जाती हैं। इसके चलते फैक्टरी में प्लास्टिक का दाना स्टोर रहता है। साथ ही वेल्डिंग का काम भी किया जाता है। इसके कारण फैक्टरी में अग्निकांड की आशंका बनी रहती है। आठ फरवरी 2012 को भी वेल्डिंग मशीन से निकली चिंगारी से प्लास्टिक के दानेे में भयंकर आग लग गई थी। इसमें 12 कर्मचारियों की जलकर मौत हो गई थी। तभी से आग के सुरक्षा उपायों के प्रति सतर्कता बरती जा रही है।
सुरक्षा के मद्देनजर बुधवार शाम साढ़े चार बजे फैक्टरी के मैदान में 30 कर्मचारियों को अग्निमशन का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। बताया जा रहा है कि अग्निशमन सिलिंडर को जैसे ही शुरू किया गया तो उसमें से झाग निकलने के बाद अचानक धमाका हो गया। इसके चलते छह कर्मचारियों में से तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। तीन अन्य कर्मचारियों को मामूली चोटें आई हैं। फैक्टरी अधिकारियों ने आननफानन तीनों घायलों हर्ष निवासी मोहम्मदपुर, मुकुल नगला सलारू एवं सोनू निवासी मुंडलाना को मंगलौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हादसे के बाद मामले को दबाने की कोशिश की गई। फैक्टरी में मीडियाकर्मियों को अंदर जाने से रोक दिया गया। हालांकि, बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई।
फैक्टरी के एचआर केपी सिंह ने बताया कि इमरजेंसी के लिए कर्मचारियों को आग पर काबू पाने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है। इस दौरान अचानक अग्निशमन सिलिंडर फटने से हादसा हुआ है। कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अब तक तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकांश सिलिंडरों पर 22 जून एक्सपायरी डेट
इसे संयोग कहें या कुछ और। फैक्टरी में आग बुझाने के लिए दर्जनों सिलिंडर रखे थे। इन पर एक्सपायरी डेट देखी गई तो अधिकांश पर 22 जून 2022 अंकित मिला। मंगलौर कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण ने बताया कि पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।
अग्निशमन सिलिंडर फटने की आशंका बेहद कम
अग्निशमन के फायरमैन अतर सिंह राणा ने बताया कि अग्निशमन सिलिंडर फटने की घटना कभी जीवन में नहीं सुनी है। सिलिंडर के अंदर आग बुझाने वाला फॉग होता है। एक्सपायर होने के बाद यह फॉग अपने आप ही खत्म हो जाता है। अक्सर यह देखने में आया है कि लोकल कंपनी या एसआई मार्का के बिना बाजार में उपलब्ध अग्निशमन सिलिंडर की परत काफी पतली होती है। इसके चलते सिलिंडर फटने की घटना हो सकती है। ओनिडा फैक्टरी में सिलिंडर किन परिस्थितियों में फटा है, यह जांच के बाद ही पता चल सकता है।