फतवा गांव में विवाहिता की मौत के मामले में पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर उसके पति, जेठ और जेठानी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। विवाहिता के पिता ने उसके ससुरालवालों पर प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।
जसपुर रणजीतपुर गांव निवासी सुरेश कुमार की ओर से न्यायालय को प्रार्थनापत्र देकर बताया गया कि उनकी बेटी पूनम की शादी 22 जून 2010 को लक्सर कोतवाली क्षेत्र के फतवा गांव निवासी सोनू के साथ हुई थी। शादी में उन्होंने हैसियत से बढ़कर खर्च करते हुए उपहार आदि दिए थे। शादी के बाद से सोनू और उसका भाई राजकुमार व भाभी लाड्डो देवी उसे कार के लिए प्रताड़ित करते थे। वह कई बार उसे घर लेकर आए।
रिश्तदारों के समझाने पर वापस ससुराल भेज दिया। सुरेश के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने पूनम की पिटाई की और एक जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या के लिए उकसाया। 29 अप्रैल को दोबारा लाठी-डंडों से उसकी पिटाई की गई। इससे त्रस्त होकर उसने ससुरालियों के दिए गए जहर का सेवन कर लिया जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद ससुराल वालों ने आनन-फानन उसका अंतिम संस्कार करने का प्रयास किया। समय रहते उनके पहुंचने पर पुलिस को सूचना देकर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। मामले में पुलिस को शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवाहिता की मौत की जांच शुरू कर दी है।