रतमऊ नदी को पुनर्जीवित करने की फाइल ने राजाजी नेशनल पार्क के दफ्तर तक पहुंचते पहुंचते दम तोड़ दिया है। नदी को पुनर्जीवित करने की योजना के लिए राजाजी नेशनल पार्क से अनुमति नहीं मिल पाई है। इस कारण नदी को अब पुनर्जीवित नहीं किया जाएगा। कृषि विभाग और मनरेगा द्वारा संयुक्त रूप से रतमऊ नदी को पुनर्जीवित कर लेमन ग्रास का उत्पादन करने की योजना थी।
पिछले दिनों अधिकारियों ने बुग्गावाला क्षेत्र में स्थित रतमऊ नदी को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया था। इसके चलते तात्कालिक मुख्य विकास अधिकारी स्वाति सिंह भदौरिया ने बुग्गावाला क्षेत्र में पहुंचकर धरातलीय निरीक्षण भी किया था। इस कार्य को कृषि विभाग व मनरेगा द्वारा किया जाना था। इस बाबत कुछ बजट भी जारी हो गया था। इस नदी को किसी अन्य नदी की धारा से जोड़कर पुनर्जीवित किया जाना था। वहीं नदी के किनारे किसानों के साथ मिलकर लेमन ग्रास की खेती करना था ताकि नदी के पुनर्जीवित होने के साथ ही किसानों को रोजगार भी मिल सके। इसके लिए तात्कालिक सीडीओ भदौरिया ने पूरा प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन इसके बाद उनका स्थानांतरण हो गया था। मिली जानकारी के अनुसार नदी का काफी हिस्सा राजा जी नेशनल पार्क में पड़ता है। वहीं राजा जी नेशनल पार्क द्वारा नदी को पुनर्जीवित करने के लिए अनुमति नहीं मिली है। मुख्य कृषि विकास अधिकारी विकेश यादव ने बताया कि राजा जी नेशनल पार्क के अधिकारियों की अनुमति नहीं मिली है। इस कारण नदी को पुनर्जीवित नहीं किया जा रहा है।