हरिद्वार जिले में 15 अक्तूबर से पहले गन्ना चरखियों के संचालन पर रोक के फैसले के विरोध में उत्तराखंड किसान मोर्चा ने रुड़की तहसील में विभाग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने बताया कि 19 अगस्त से चल रहे धरने में किसानों ने गन्ना विभाग की नीति और कार्रवाई पर नाराजगी जताई है।
मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलशन रोड़ ने कहा कि सरकार की नई नीति से गन्ना किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गन्ना विभाग की मनमानी के कारण किसान अपनी उपज चरखियों तक भी नहीं पहुंचा पा रहे हैं। उनका कहना है कि एक ओर चीनी मिलों पर किसानों का करोड़ों रुपये गन्ना भुगतान बकाया है वहीं दूसरी ओर चरखियों के संचालन को लेकर सख्ती की जा रही है।
उन्होंने कहा कि भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने घर का खर्च चलाने तक की समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में गन्ने की बिक्री के वैकल्पिक साधनों पर रोक से किसानों में और निराशा बढ़ी है। चौधरी गुलशन रोड़ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के किसानों को गन्ने की बिक्री के बेहतर विकल्प मिल रहे हैं जबकि उत्तराखंड के किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार की ओर से गन्ना चरखियों को लेकर जारी कार्रवाई का विरोध करते हुए किसानों से एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया। किसान मोर्चा ने मांग की कि किसानों के बकाया गन्ना भुगतान का जल्द निस्तारण किया जाए और चरखियों के संचालन को लेकर किसानों के हित में व्यावहारिक नीति बनाई जाए। इस मौके पर संदीप कुमार, सुरेंद्र लंबरदार, सोनी, समीर आलम, मुनव्वर हसन और राज कुमार आदि मौजूद रहे।