गन्ना विकास विभाग और गन्ना किसान एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से जनपद में चलाए जा रहे ग्राम स्तरीय गन्ना कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अलग-अलग स्थानों पर किसानों को गन्ने की बुआई, उर्वरक और कीटनाशकों के प्रयोग के संबंध में जानकारी दी गई।
अभियान के तहत पीली पड़ाव में आयोजित शिविर में संस्थान के कृषि वैज्ञानिक डाॅ. प्रमोद कुमार ने कहा कि कृषि की आधुनिक तकनीक अपनाकर किसान कम भूमि और लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों को शरदकालीन गन्ना बुआई, कीट एवं रोगों के प्रकोप, सहफसली खेती की जानकारी दी।
डाॅ. सिद्धार्थ कश्यप ने गन्ने की बुआई की ट्रेंच विधि, लाइनों के मध्य औसत दूरी, गहरी जुताई, उन्नत बीज की जानकारी दी। गन्ना विकास परिषद लक्सर के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मोहम्मद अनीस ने बताया कि विभाग की ओर से गन्ने के बीज में बदलाव के लिए आधार प्राथमिक पौधशालाओं पर अनुदान दिया जा रहा है।
इसके अलावा पैडी प्रबंधन में कीटनाशकों पर भी छूट उपलब्ध कराई जा रही है। विशेषज्ञों ने किसानों को गन्ने की फसल के अधिक उत्पादन के लिए वैज्ञानिक विधि से बुआई और देखभाल की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान समिति के विशेष सचिव प्रमेंद्र कुमार, बरुण बर्थवाल, अनीस अहमद, कौशल कुमार सहित अधिकारी व किसान मौजूद रहे।