- तेलपुरा क्षेत्र में हाथियों का उत्पात, गन्ने और धान की फसल को पहुंचा रहे नुकसान
बुग्गावाला। क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। खेतों में खड़ी गन्ने और धान की फसल को हाथियों के झुंड से बचाने के लिए किसान रातभर जागकर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। किसानों ने वन विभाग पर कार्रवाई न किए जाने का आरोप लगाया है व उनमें विभाग के प्रति आक्रोश है।
किसानों का कहना है कि फसल पककर तैयार है और कटाई से पहले ही हाथियों के झुंड खेतों में पहुंचकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। किसान लेखपाल सैनी, कुशल पाल चौहान, जाहिद हसन, नजीर अली, पंकज कुमार आदि ने बताया कि खानपुर रेंज के अंतर्गत तेलपुरा, बुधवाशाहिद, बाद्दीवाला और हरिपुर क्षेत्र में हाथियों की ओर से अधिक नुकसान किया जा रहा है। बताया कि रात होते ही हाथियों के झुंड जंगल से निकलकर खेतों की ओर आ जाते हैं। हाथियों को खेतों में आने से रोकने के लिए किसान शोर मचाने और अन्य उपायों का सहारा लेते हैं। कई किसान पूरी रात खेतों में रहकर फसल की रखवाली कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि लगातार कई रातों तक जागने से उनकी दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। किसानों में वन विभाग की कार्यशैली पर भी आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि हाथियों की लगातार बढ़ती आवाजाही के बावजूद क्षेत्र में रात्रि गश्त नहीं बढ़ाई जा रही है। किसानों ने वन विभाग से संवेदनशील क्षेत्रों में रात के समय गश्त बढ़ाने और हाथियों को आबादी एवं खेतों की ओर आने से रोकने के लिए बेहतर इंतजाम करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि फसल नुकसान के बाद अधिकारियों की ओर से मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन मुआवजा मिलने की प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है। कई बार मुआवजा सभी प्रभावित किसानों तक भी नहीं पहुंच पाता। किसानों ने मांग की है कि फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को समय से मुआवजा दिलाया जाए।