मुआवजे के लिए प्रदर्शन करते किसान
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ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय पर धरना - प्रदर्शन किया। किसानों की मांग पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एएसडीएम ने टीम के साथ ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए काश्तकारों के खेत देखे।
मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले नारसन क्षेत्र के सैकड़ों किसान तहसील मुख्यालय में पहुंचे। यहां किसानों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर पिछले दिनों ओलावृष्टि से हुए नुकसान के मुआवजे की मंाग को लेकर पहले प्रदर्शन किया और बाद में धरना शुरू कर दिया। इस दौरान भाकियू के गढ़वाल मंडलाध्यक्ष संजय चौधरी ने कहा ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं, लेकिन लेखपाल फसलों को महज दस प्रतिशत नुकसान होना दिखा रह हैं जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदेश प्रवक्ता विजय कुमार शास्त्री ने कहा कि स्थानीय प्रशासन के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। प्रशासन किसानों की नष्ट फसलों का मुआवजा देना नहीं चाहता है। इसलिए वह गलत रिपोर्ट बनवा रहा है। धरने पर चौधरी विजेंद्र, राजकुमार सिंह, प्रहलाद सिंह, कुंवर सिंह आदि मौजूद रहे। शाम के समय किसानों की मांग पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित एवं एएसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने नारसन क्षेत्र के मोहम्मदपुर जट आदि गांवों में जाकर ओलावृष्टि से हुए नुकसान का निरीक्षण किया।