खानपुर (रुड़की)। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बनेगा, जिसमें किसान आयोग का गठन होगा। उन्होंने राज्य में जल्द आयोग गठित करने का एलान किया। साथ ही केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय राजेश पायलट के नाम से बनने वाले स्टेडियम के लिए 25 लाख रुपये की पहली किश्त जारी की।
रविवार को खानपुर गांव में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय राजेश पायलट के नाम से स्टेडियम के शिलान्यास एवं उनकी मूर्ति का अनावरण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि राजेश पायलट किसानों के मसीहा थे। जीवनभर उन्होंने किसानों के लिए लड़ाई लड़ी है। लेकिन आज किसान राष्ट्रीय स्तर पर हाशिए पर हैं। कहा, पायलट ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान पहाड़ों में जा-जाकर आंदोलनकारियों का हौसला बढ़ाया था। इसलिए प्रदेश को राजेश पायलट का ऋण चुकाना है। स्टेडियम बनने से क्षेत्र के बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा।
यदि वह अगले साल फिर मुख्यमंत्री बने तो स्टेडियम में राष्ट्रीय स्तर की वालीबाल प्रतियोगिता कराई जाएगी। इस दौरान उन्होंने स्टेडियम निर्माण के लिए स्वीकृत 25 करोड़ रुपये में से पहली किश्त के रूप में 25 लाख रुपये जारी करने की घोषणा की। इस अवसर पर अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष हरपाल सिंह साथी, मुख्यमंत्री के सलाहकार डा. संजय चौधरी, हज कमेटी के चेयरमैन राव शेर मोहम्मद, गजे सिंह, चेयरमैन अजब सिंह, संजय सिंह, सहदीप एडवोकेट, वरूणेश चौधरी, सोनू कर्मजीत सिंह, कुलवंत प्रधान, ब्रिजेश शर्मा, देवेश राणा, महिपाल, बुद्ध सिंह आदि मौजूद रहे।
टिकट के दावेदार नहीं आए नजर
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं खानपुर से टिकट के दावेदार पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह एवं कृष्णपाल मुखिया न स्वयं आए और न उनके समर्थक दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि डा. संजय चौधरी को मुख्यमंत्री को बतौर प्रत्याशी पेश किए जाने के कारण अन्य दोनों नेताओं ने कन्नी काट ली।
प्रणव को बताया बंद शंख
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को अपरोक्ष रूप से कई निशाने साधे। कहा कुंवर प्रणव बंद शंख की तरह है।
मुख्यमंत्री के होर्डिंग्स पर पोती कालिख
खानपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय राजेश पायलट के नाम से बनने वाले स्टेडियम का शिलान्यास एवं उनकी मूर्ति का अनावरण करने पहुंचे मुख्यमंत्री के होर्डिंग्स पर लगे फोटो पर रातों-रात किसी ने कालिख पोत दी। इसके अलावा कार्यक्रम में पहुंचने के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने का प्रयास किया। लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। लेकिन बाद में सभी कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से किए जा रहे स्टेडियम के शिलान्यास एवं मूर्ति के अनावरण का विरोध करने का निर्णय लिया था। कार्यकर्ताओं ने इसकी पहले ही रूपरेखा तैयार कर ली थी। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पूर्व में स्वीकृत विकास संबंधी योजनाओं को ही रोका हुआ है। ऐसे में उनका क्षेत्र में आने का कोई मतलब नहीं बैठता है। राजेश पायलट के नाम पर मुख्यमंत्री केवल वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं। पहले वह क्षेत्र में रोके गए विकास कार्यों को सुचारु करवाएं। उसके बाद खानपुर में आएं। इसी को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल पर काले झंडे दिखाने पहुंचे। लेकिन कार्यक्रम स्थल के बाहर करीब सौ मीटर दूर पहले तैनात पुलिस बल ने सभी को गिरफ्तार कर कोतवाली लेकर पहुंचे। बाद में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद छोड़ दिया गया। लेकिन, क्षेत्र में कार्यक्रम के लिए लगे मुख्यमंत्री हरीश रावत, उनकी पत्नी रेणुका रावत और डा. संजय चौधरी के होर्डिंग्स में लगे हरीश रावत के फोटो पार कालिख पोत दी गई। लेकिन होर्डिंग में लगे तीनों फोटो में से केवल सीएम की ही फोटो को निशाना बनाया गया।
शिविर में 387 शिकायतें, समाधान एक का भी नहीं
कार्यक्रम के दौरान एक बहुउद्देशीय शिविर का भी आयोजन किया गया। जिसमें जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ समेत तमाम विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। इसमें ग्रामीणों ने जमीन, मुआवजा, पेंशन आदि समेत 387 शिकायतें दर्ज कराई गई। लेकिन इनमें से एक का भी समाधान नहीं होने से लोगों को मायूस लौटना पड़ा। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सभी शिकायतों का जल्द समाधान किया जाएगा।