दीपावली से पूर्व बकाया गन्ना भुगतान के लिए किसानों और अधिकारियों के बीच शनिवार को तीखी नोकझोंक देखने को मिली। गुस्साए किसानों ने सहायक गन्ना आयुक्त को जमकर खरीखोटी सुनाई और शाम तक भुगतान न होने पर रविवार को रेल रोकने की चेतावनी दे डाली। हालांकि, एडीएम एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल रेल रोकने के आंदोलन को स्थगित कर दिया है।
भारतीय किसान यूनियन (रोड़) ने 14 अक्तूबर को हुई महापंचायत में इकबालपुर शुगर मिल पर बकाया भुगतान सहित अन्य मांगें उठाई थीं। इसके बाद 16 अक्तूबर को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक में किसानों ने चेतावनी दी थी कि यदि दीपावली से पहले गन्ना भुगतान नहीं होता है तो वे 19 अक्तूबर को रुड़की रेलवे स्टेशन पर रेल रोक आंदोलन करेंगे।
इसके बाद जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने शनिवार को अपर जिलाधिकारी पीएस चौहान को रुड़की भेजा। एडीएम एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट ने किसानों के साथ वार्ता की जिसमें सहायक गन्ना आयुक्त कपिल मोहन भी मौजूद रहे। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदम सिंह रोड़, प्रदेश अध्यक्ष संजीव कुशवाह, जिला उपाध्यक्ष प्रदीप त्यागी समेत कई किसान वार्ता में शामिल हुए। किसानों ने कहा कि उन्हें चेक के अनुसार पांच करोड़ रुपये का तत्काल भुगतान चाहिए।
इस पर सहायक गन्ना आयुक्त के टालमटोल रवैए से किसान भड़क गए और उन्होंने कहा कि अब वे पीछे नहीं हटेंगे। यहां तक कि कुछ किसानों ने सहायक गन्ना आयुक्त को बंधक बनाने की चेतावनी तक दे डाली। स्थिति बिगड़ते देख सहायक गन्ना आयुक्त ने किसानों को आश्वासन दिया कि वह मिल प्रबंधन से बातचीत कर रहे हैं और शाम चार बजे तक समाधान निकाल लिया जाएगा। शाम पांच बजे तक भी कोई भुगतान न होने पर किसानों में नाराजगी बनी रही। बाद में एडीएम एवं जेएम के आश्वासन पर किसानों ने एक सप्ताह के लिए आंदोलन को स्थगित कर दिया है।