दरगाह पर जियारत के बाद गेस्ट हाउस, कव्वाल और खानसामा का मेहनताना लेकर फरार हो रहे एक नकली किन्नर को लोगों ने दबोच लिया। रस्म रिवाज के साथ पूरा काम निपटाने के बाद नकली किन्नर गुपचुप फरार हो रहा था। मामला पकड़ में आया तो नकली किन्नर की कई पुरानी परतें भी खुलकर सामने आई। पुलिस मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है।
पंजाब के गुरदासपुर से करीब 30 जायरीनों का जत्था बुधवार को कलियर पहुंचा था। दल की तरफ से चाल-ढाल से किन्नर लगने वाले उनके एक साथी ने ठहरने और खाने पीने का इंतजाम किया। एक गेस्ट हाऊस में ठहरने के बाद बुधवार शाम एक खानसामा से खाना बनवाया। बाकायदा कव्वालियों के साथ दरगाह पर चादरपोशी कराई। इसके बाद उसने खानसामा को कहा कि जुमेरात को फिर खाना बनवाना है। इसके बाद ही भुगतान करेगा मगर बृहस्पतिवार को साथियों को गुपचुप रवाना करने के बाद वह खुद भी फरार होने का प्रयास करने लगा। इसका पता चलते ही खानसामा ने अपने साथियों के साथ उसे दबोच लिया। धुनाई के बाद पता चला कि वह करीब 60 हजार की चपत लगाकर फरार हो रहा था। स्थानीय किन्नरों से पड़ताल कराई गई तो अभी तक खुद को किन्नर बताने वाला युवक नकली किन्नर निकला। इस पर खानसामा, गेस्ट हाउस संचालक व कव्वाल ने आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। पता चला है कि युवक कई बार किन्नर बनकर पंजाब के लोगों को जियारत कराने कलियर लाया है। जायरीनों से रुपये लेकर वह खानसामा, गेस्ट हाउस संचालकों व कव्वालों को भुगतान नहीं देता। एसओ महेश जोशी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।