24 लाख के घोटाले में आरोपित पूर्व प्रधान को बचाने के लिए शिकायतकर्ता का फर्जी शपथ देकर मामले को निपटाने का षड्यंत्र रचा गया, लेकिन जब असली शिकायकर्ता से पूछताछ की गई तो सारा मामला खुल गया। अब मामले में आरोपित प्रधान के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही फर्जी शपथ पत्र देने वाले की भी तलाश शुरू कर दी गई है।
ग्राम पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर के नव निर्वाचित ग्राम प्रधान तोयबा बानो ने जिलाधिकारी से शिकायत में आरोप लगाया था कि पूर्व प्रधान उमर आदिल और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने मिली भगत कर 28 मार्च को पंचायत के खाते से करीब 24 लाख रुपये निकाल लिए थे। साथ ही आरोप लगाया था कि निकाली गई रकम से कोई काम भी नहीं कराया गया है। मामले की जांच होने पर ग्राम प्रधान की ओर से किए गए घोटाले का पर्दाफाश हो गया। इसी मामले में बाद में आम आदमी पार्टी के विधानसभा प्रभारी जफर भारती ने भी मामले में शिकायत की थी। उनकी शिकायत पर भी ब्लॉक के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी थी, लेकिन इसी बीच किसी ने खंड विकास अधिकारी को जफर भारती के नाम से फर्जी शपथ देकर बताया कि वह ग्रामीणों के बहकावे में आ गया था जिसके कारण उसने गलत शिकायत कर दी थी। अब वह इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता है। मामले में खंड विकास अधिकारी की ओर से शपथ पत्र की जांच की गई तो पता चला कि शपथपत्र फर्जी है और असली शिकायतकर्ता जफर भारती अपनी शिकायत पर अडिग होकर घोटाले में जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहा है।
इस मामले में फर्जी शपथपत्र देने वाले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है। साथ ही आरोपित पूर्व प्रधान के खिलाफ भी कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आईएस भंडारी, बीडीओ, लक्सर