विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं अभिभावकों की ओर से सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को लागू नहीं करने तथा फीस वृद्धि को लेकर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसके मद्देनजर प्रशासनिक टीम ने शहर के स्कूलों का निरीक्षण कर जांच पड़ताल की। टीम ने जांच रिपोर्ट तैयार कर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंप दी है।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित के आदेश पर बुधवार को तहसीलदार मंजीत सिंह, अपर तहसीलदार आशीष घिल्डियाल और राजस्व उपनिरीक्षक राजकुमार शर्मा ने शहर के ग्रीन वे पब्लिक स्कूल, मोंटफोर्ट, रुड़की पब्लिक स्कूल, स्कालर्स एकेडकिम में पहुंचकर फीस और एनसीईआरटी की पुस्तकों के बाबत जांच पड़ताल की। तहसीलदार मंजीत सिंह ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को लागू करने तथा फीस स्ट्रक्चर के बाबत जानकारी ली । इस दौरान कुछ स्कूल प्रबंधकों की ओर से बाजार में एनसीईआरटी की पुस्तकों के नहीं मिलने की भी बात कही गई। निरीक्षण के दौरान स्कूलों की गोपनीय रिपोर्ट बनाकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंप दी गई है। रिपोर्ट पर आदेश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं शहर में आम नागरिक मंच की ओर से शिक्षा मंत्री की ओर से दिए गए उस बयान का विरोध किया जा रहा है। जिसमें एनसीईआरटी पुस्तकें लागू करने के लिए प्राइवेट स्कूलों को एक वर्ष का समय दिया गया है।