बकायेदारों से वसूली के लिए ऊर्जा निगम ने 12 टीमें बनाई हैं। उपखंड अधिकारी के दिशा-निर्देश पर कर्मचारियों की ओर से बकायेदारों के दरवाजे खटखटाए जा रहे हैं। मार्च के आखिरी सप्ताह तक ऊर्जा निगम को घरेलू और व्यावसायिक बकायेदारों से 105 करोड़ रुपये की वसूली करनी है।
रुड़की विद्युत वितरण मंडल में 35 बिजलीघरों से 2.70 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति हो रही है। साल भर में इन उपभोक्ताओं ने बिजली फूंकने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। अब बकाया ज्यादा होने पर बिल जमा करने में आनाकानी कर रहे हैं।
दिसंबर से ही ऊर्जा निगम ने बकायेदारों पर शिकंजा करते हुए अभियान शुरू कर दिए थे। अब दो माह का वक्त बचा है। ऐसे में एक अरब से अधिक की वसूली करने का दबाव ऊर्जा निगम पर पड़ रहा है। इससे निपटने के लिए ऊर्जा निगम ने अब मंडल भर में अलग-अलग टीमों का गठन कर बकाया वसूलने के लिए अपने कर्मचारियों को फील्ड में उतारा है।
एसई विवेक राजपूत ने बताया कि मंडल में एक टीम में पांच लोग शामिल है 12 टीमों का गठन किया गया है। उपखंड अधिकारी के साथ अवर अभियंता, लाइनमैन स्टाफ के साथ बकायेदारों के घर पहुंचा जा रहा है। जो उपभोक्ता बिल अदा नहीं कर रहे हैं उनके कनेक्शन काटे जा रहे हैं।
प्रतिदिन वसूलने हैं छह करोड़ रुपये
मंडल में ऊर्जा निगम की ओर से बकाया वसूली के लिए नियमित आठ कैंप भी लगाए जा रहे हैं। एक दिन में करीब 6 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य अधिकारियों को मिला है। सरकारी उपभोक्ताओं पर भी करीब 40 करोड़ रुपये की देनदारी है। एसई के निर्देश पर सरकारी बकायेदारों को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
लाइव लोकेशन से हो रही मॉनिटरिंग
ऊर्जा निगम के कर्मचारी बकाया वसूली में कोई आनाकानी तो नहीं कर रहे इसका भी खास ख्याल रखा जा रहा है। अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत ने बताया कि व्हाट्सएप का एक ग्रुप बनाया गया है। इसमें जो राजस्व की वसूली करने जा रही टीम अपने फोटो और लोकेशन शेयर कर रही है। बकाया वसूली में किसी टीम ने लापरवाही बरती तो वेतन रोकने तक की कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।