लंढौरा स्थित एक ग्लास फैक्टरी में शीशे की रैक गिरने से कर्मचारी की मौत हो गई। कर्मचारी के परिजनों को सूचना दी गई। कर्मचारी और ग्रामीणों ने फैक्टरी व सिविल अस्पताल में पर्याप्त इंतजाम नहीं होने की बात कहते हुए हंगामा किया। साथ ही मृतक के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग की। बाद में फैक्टरी प्रबंधन के आश्वासन पर मामला शांत हो सका।
रुड़की सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के ढंडेरा निवासी लोकेंद्र कुमार (52) लंढौरा क्षेत्र स्थित एक ग्लास फैक्टरी में कर्मचारी थे। बुधवार को लोकेंद्र की फैक्टरी में रात की ड्यूटी थी। बृहस्पतिवार सुबह वह फैक्टरी में काम कर रहे थे। इसी दौरान उनके ऊपर शीशे की रैक गिर गई। आसपास काम कर रहे लोगों ने मिलकर किसी तरह लोकेंद्र को रैक के नीचे से निकाला। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद परिजनों को हादसे की सूचना दी गई। अस्पताल पहुंचे परिजन एवं क्षेत्र के लोगाें ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। इसके बाद सभी लोग फैक्टरी गेट पर पहुंचे। यहां स्थानीय लोगाें ने फैक्टरी प्रबंधन से वार्ता की। मृतक के भाई नरेंद्र कुमार ने बताया कि फैक्टरी प्रबंधन ने आर्थिक मदद और नौकरी का आश्वासन दिया है। इसके बाद मामला शांत हो गया। इस मौके पर वीरेंद्र कुमार, सुरेंद्र, प्रवींद्र, जसबीर, विकास पाल एवं सुधीर कुमार आदि मौजूद रहे। वहीं, कोतवाली उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के लिए शव को कब्जे में लिया गया है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।