इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच मंगलौर क्षेत्र के दर्जनों गांवों में तीन दिन से बिजली आपूर्ति ठप है। बिजलीघर का बड़ा ट्रांसफार्मर खराब हो गया है। शनिवार तड़के तीन बजे गुल हुई बिजली देर शाम तक बहाल नहीं हुई। पिछले दो दिनों में भी चंद घंटे ही बिजली आपूर्ति हुई।
बिजली गुल रहने के कारण स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर हो गया है जहां बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे अधिक खराब है। बिजली न होने से पेयजल का संकट भी गहरा गया है। साथ ही पशुपालकों के लिए पशुओं के चारे की व्यवस्था करना भी बड़ी चुनौती बन गया है। बिजली आपूर्ति ठप होने से सबसे अधिक प्रभावित गांवों में लिब्बरहेड़ी, भरतपुर, मीरपुर, हरचंदपुर, निजामपुर और नगला चीना प्रमुख हैं।
क्षेत्र के राकेश लोहान, विनोद राठी, महावीर राठी, रवि चधरी, रमेश प्रधान, मोरध्वज, शमशेर मलिक, सुरेन्द्र राठी ने बताया कि बिजली न आने से घरों में लगे पंखे और कूलर शो-पीस बन गए हैं। उमस भरी गर्मी में रातें काटना मुश्किल हो गया है। बिजली आपूर्ति बाधित रहने का सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन पर भी पड़ा है। बिजली न होने से चारा काटने वाली मशीनें नहीं चल पा रही हैं जिससे पशुओं के लिए चारे की भारी किल्लत हो गई है। किसानों का कहना है कि भीषण गर्मी में पशुओं के लिए पानी और चारे की समस्या से वे खासे परेशान हैं। एसडीओ अनुभव सैनी का कहना है कि तकनीकी खराबी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने जल्द ही विद्युत व्यवस्था बहाल करने का आश्वासन दिया है।