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चुनाव खत्म, कनेक्श्न काटने की कार्रवाई शुरू

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विधानसभा चुनाव का शोर खत्म होते ही ऊर्जा निगम भी एक्शन मोड में आ गया है। निगम ने बकायेदारों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। चुनाव से पहले जहां निगम अधिकारी हर दिन 50 से 60 कनेक्शन काट रहे थे तो वहां अब दो दिन से अभियान चलाकर हर दिन 200 से ज्यादा बकायेदारों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। हालांकि, इसमें से कुछ लोग बकाया जमा करवाकर कनेक्शन जुड़वा भी रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब वसूली अभियान मार्च अंतिम तक जारी रहेगा।
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ऊर्जा निगम का उपभोक्ताओं पर करोड़ों रुपये का बकाया चल रहा है। रुड़की क्षेत्र की शहरी और ग्रामीण डिवीजन मिलाकर ही कई करोड़ रुपये बकाया है। ये स्थिति तब है, जब ऊर्जा निगम ने सरचार्ज माफी योजना चलाई है। इसके बावजूद उपभोक्ता बकाया जमा कर योजना का लाभ नहीं उठा रहे हैं। वहीं, कुछ समय से चुनावी शोर चल रहा था। ऐसे में चाहकर भी ऊर्जा निगम के अधिकारी बकायेदारों के खिलाफ अभियान शुरू नहीं कर पा रहे थे। निगम को डर था कि उनकी कार्रवाई से राजनीतिक दबाव न बनने लगे।
वहीं, सोमवार को मतदान सपन्न होने के बाद ऊर्जा निगम ने बकायेदारों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। निगम ने पहले चरण में 10 हजार से ज्यादा वाले बकायेदारों की सूची बनाकर वसूली शुरू की है। बकाया नहीं देने पर हर दिन 200 से ज्यादा कनेक्शन काटे जा रहे हैं। रामनगर डिवीजन में हर दिन करीब 70, रुड़की डिवीजन में करीब 80 और ग्रामीण डिवीजन में 60 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। इस दौरान करीब 50 से अधिक उपभोक्ता आए दिन अपना बकाया जमा कर कनेक्शन जुड़वा भी रहे हैं। ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता राहुल जैन ने बताया कि बकायेदारों के खिलाफ अभियान अब बड़े स्तर पर चलाया जाएगा।
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बिना अनुमति कनेक्शन जोड़ा तो केस दर्ज होगा
ऊर्जा निगम जितने भी कनेक्शन काट रहा है, उसमें से कुछ उपभोक्ता बकाया जमा कर कनेक्शन जुड़वा लेते हैं। जबकि, अन्य कनेक्शन कटे ही रहते हैं। अब ये बकायेदार बिजली का इस्तेमाल कहां से कर रहे हैं, इसकी जांच के लिए अलग टीम बनाई गई है। ये टीम उन उपभोक्ता के घरों पर जाकर चेकिंग कर रही है, जिनके कनेक्शन काटे जा चुके हैं। यदि कोई उपभोक्ता कनेक्शन जुड़वाए बिना चोरी की बिजली इस्तेमाल करेेंगे तो वह चोरी की श्रेणी में आएगा। ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी का केस दर्ज कराया जाएगा। यदि कोई उपभोक्ता अपने पड़ोसी से बिजली लेता हुआ पाया गया तो नियमों के अनुसार उस पड़ोसी से ही उपभोक्ता का पूरा बिल वसूला जाएगा।
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