डिजिटलाइजेशन के दौर में उत्तराखंड रोडवेज की बसों में ई टिकटिंग मशीनें भी स्मार्ट हो गई हैं। डिपो की बसों में यूपीआई क्यूआर कोड स्कैन कर यात्री अब कैशलेस सफर कर सकते हैं। एक महीने के ट्रायल के बाद बसों में यह सुविधा शुरू हो गई है। रुड़की डिपो को इसके लिए 40 ई-टिकटिंग मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।
अभी तक रोडवेज बसों में यात्रियों के साथ ही परिचालकों के सामने खुले पैसे नहीं होने की समस्या आती थी। इस बात को लेकर यात्रियों और परिचालकों की कहासुनी भी आम बात थी। किराये से बचे दो से तीन रुपये के लेनदेन में काफी परेशानी होती थी। अब यात्री स्मार्टफोन से आसानी से किराया दे सकते हैं। रुड़की डिपो में 40 नई स्क्रीन टच वाली ई-टिकटिंग मशीनों ने काम शुरू कर दिया है। यात्री यूपीआई क्यूआर कोड स्कैन कर गूगल पे, फोन पे और पेटीएम से आसानी से भुगतान कर सकते हैं। एजीएम आलोक बेनवाल ने बताया कि एक महीने तक चला ट्रायल कामयाब रहा। अब इसे लागू कर दिया गया है।
डेबिट-क्रेडिट कार्ड से भी जल्द होगा भुगतान
नई स्क्रीन टच ई-टिकटिंग मशीन में डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भुगतान की भी सुविधा है लेकिन फिलहाल यह शुरू नहीं की गई है। कारण, ट्रायल के दौरान नेटवर्क की दिक्कत से यात्री और परिचालक परेशान हुए। पूरे रूट पर कहीं-कहीं नेटवर्क नहीं होने के चलते मशीन काम नहीं कर पाती। ऐसे में यात्री के खाते से तो पैसे कट जाते हैं लेकिन परिचालक के पास नहीं पहुंचते। इसलिए, फिलहाल इस सुविधा को रोका गया है। जल्द ही यात्री डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भी बस का किराया दे सकेंगे।