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धातू विग्रह की गणेशजी की मूर्ति की हुई विधिवत पूजा अर्चना

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रुड़की नंद विहार स्थित जीवनदीप आश्रम में भगवान श्री गणेश की मूर्ति स्थापना के बाद पूजा अर्चना कर? - फोटो : ROORKEE
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जीवनदीप आश्रम में स्थित श्री सिद्धबली हनुमान मंदिर परिसर में इस बार धातु विग्रह की श्री गणेश मूर्ति की स्थापना की गई है। वहीं इस बार तय किया गया कि इस बार श्रीगणेश को विसर्जन करने के बजाए स्नान कराकर वापस मंदिर में लाया जाएगा। बुधवार को जीवन दीप पीठाधीश्वर श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्र आनंद गिरि जी महाराज ने बताया कि इस बार मूर्ति का विसर्जन नहीं किया जाएगा। बल्कि गंगा तक मूर्ति को ले जाकर स्नान कराने और पूजन करने के बाद विग्रह वापस आश्रम में लाया जाएगा। उन्होंने मूर्ति विसर्जन के चलते हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिए इस तरह की परंपरा शुरू किए जाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि अनेक स्थानों पर देखा गया है नदियों तालाबों में गणेश जी को ऐसे ही डाल आते हैं जो अच्छा स्वरूप देखने में नहीं लगता है। विभिन्न प्रकार के केमिकल रंगों का प्रयोग होने के कारण जल में भी प्रदूषण होता है। उन्होंने बताया कि इस बार 11 दिन गणेश जी विराजने के बाद उत्सव मूर्ति को विधिवत गंगा तक ले जाया जाएगा। वहां सभी भक्तों गणेश जी को स्नान कराएंगे। पूजन कराकर वापस विग्रह को आश्रम लाया जाएगा। उत्सव की व्यवस्था संभालने वालों में कमेटी के सदस्य प्रवीण सभरवाल, शिव कुमार धीमान, सुदर्शना सैनी, जितेंद्र शास्त्री, मनोज पांडे, प्रदीप अवस्थी, ललित पांडे, दीपक, गोस्वामी कृष्ण कुमार सैनी, प्रवेश धीमान आदि शामिल रहे।
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पूजा अर्चना कर विसर्जित की मूर्ति
रुड़की। लक्ष्मीनारायण गंगनहर किनारे घाट पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया। श्रद्धालु नितिन गोयल ने बताया कि श्री गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य में घर में भगवान की प्रतिमा स्थापित की गई थी। बुधवार को श्रीगणेश विधिवत पूजा अर्चना कर शारीरिक दूरी का पालन करते हुए मूर्ति विसर्जित की गई। इस मौके पर पारुल, अंचल, अनिता, गौरव, अर्णव, अवंतिका, अयांश, अनिल गोयल आदि उपस्थित रहे।
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