रुड़की (हरिद्वार)। हिमाचल प्रदेश के ड्राइवर से कार लूट व हत्या के मामले में कोर्ट ने दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
झबरेड़ा के मानकपुर बाईपास के पास नौ मार्च-2014 को कार लूटने के बाद ड्राइवर दीपक शर्मा निवासी बांगरन चौक, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हिप्र) की हत्या कर दी थी। दीपक के भाई संजीव शर्मा ने लूट व हत्या का मुकदमा दर्ज कराते हुए पुलिस को बताया था कि उसके भाई को अज्ञात लोग कार बुक कर हिमाचल से लाए थे। मामले में एसआई अमरजीत सिंह के बाद एसओ कुलवंत सिंह ने जांच पड़ताल की।
पुलिस ने 23 मार्च 2014 को आरोपी अंकित निवासी पलड़ी, शाहपुर और सोनू उर्फ भूरा निवासी सोरम गांव शाहपुर, मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने अपना गुनाह कुबूल करते हुए बताया था कि कार लूट का विरोध करने पर ड्राइवर की हत्या की थी। दोनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। ट्रायल के दौरान शनिवार को मामले में अदालत ने अपना फैसला सुनाया। एडीजीसी आलोक पुंडीर के मुताबिक दोनों पर दोष सिद्ध हो गया है। कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मां बेटों समेत चार पर मुकदमा
लक्सर। जमीन की धोखाधड़ी में छत्तीसगढ़ निवासी मां बेटों समेत चार के खिलाफ शनिवार देर रात लक्सर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। निरंजनपुर निवासी निशांत ने कोतवाली लक्सर में तहरीर देकर बताया कि भठिंडा निवासी गणेश ने उसके छोटे भाई प्रसाद के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ में जमीन का कारोबार किया था। 20 लाख रुपये उनके खाते में डाले गए। इसके बाद उन्हें न कारोबार का मुनाफा मिला और न रकम वापस दी। तहरीर पर रायपुर छत्तीसगढ़ निवासी मीना पत्नी गणेश, मंदीप व मंजीत पुत्रगण गणेश व अशोक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।