उत्तराखंड इंजीनियर्स फेडरेशन का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को जिलाधिकारी हरिद्वार से मिला और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें आरोप लगाया गया कि जिलाधिकारी पौड़ी ने आपदा प्रबंधन अधिनियम की शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए द्वेषवश लोनिवि श्रीनगर के अधिशासी अभियंता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
फेडरेशन ने कहा कि 11 सितंबर को भारी बारिश से श्रीनगर–बदरीनाथ मार्ग पर सड़क धंस गई थी। विकट परिस्थिति में अधिशासी अभियंता व उनकी टीम ने जान जोखिम में डालकर अस्थायी रूप से मार्ग खोला। स्थायी समाधान के लिए डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है।
इसके बावजूद एफआईआर दर्ज कराना एकतरफा व दमनकारी कदम है। ऑनलाइन आपात बैठक में निर्णय हुआ कि अभियंता काली पट्टी बांधकर विरोध करेंगे और मांगें न मानने पर आंदोलन तेज होगा। 17 सितंबर को आगे की रणनीति तय होगी। अभियंताओं ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर वे कार्यबहिष्कार या हड़ताल करेंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में जितेन्द्र सिंह, डीपी सिंह, आरके गुप्ता, सुधीर कुमार, विपुल सैनी, चेतन पुरोहित, दीपक पंवार, सीपीएस गंगवार, विपिन चौहान, यशवीर मल आदि शामिल रहे।