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धूमधाम से मनाई गई दिवाली, गोवर्धन पूजा के लिए मंदिरों में लगी रही श्रद्धालुओं की भीड़

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रुड़की रामनगर स्थित राम मंदिर में आयोजित गोवर्धन पूजा में भाग लेते विधायक प्रदीप बत्रा, सांसद प्? - फोटो : ROORKEE
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शहर में दीपों का पर्व दीपावली धूमधाम से मनाई गई। वहीं, सोमवार को मंदिरों में गोवर्धन पूजा की गई।
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रविवार को लोगों ने अपने घरों ने लक्ष्मी-गणेश और कुबेर की मूर्ति स्थापित कर विधिविधान से पूजन किया। लोगों ने रिद्धि सिद्घि की कामना की। लोगों ने नवरात्र और षोडसमात्रिका का आह्वान किया। दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित जगदीश प्रसाद पैन्यूली ने बताया कि रविवार को लक्ष्मीजी की चार पहर की पूजा की गई। कई घरों में पंडित शाम पांच बजे से पूजन करने लगे थे। सुबह साढ़े तीन बजे तक पूजा करते रहे। शहर के रामनगर, आजादनगर, आर्दशनगर, सोलानीपुरम, राजेंद्रनगर, शिवपुरम, कृष्णानगर, बीटीगंज आदि क्षेत्रों में धूमधाम से दीपावली मनाई गई।
वहीं, गोवधर्नन पूजा के लिए मंदिरों में पूजा अर्चना की गई। दुर्गा चौक स्थित दुर्गा मंदिर, रामनगर स्थित श्रीराम मंदिर, पनियाला रोड स्थित संतोषी माता मंदिर में गोवर्धन पूजा की गई। लोगों ने मंदिर में चांदी के सिक्के की पूजा कराई। कई लोगों ने अपने घरों में सोने के सिक्के की पूजा की। वहीं, लक्सर कस्बे और देहात में गोवर्धन का पर्व श्रद्धाभाव से मनाया गया। लोगों ने पारंपरिक रूप से गोवर्धन पूजा के लिए गन्ना, बेर, मूली, चने कासाग, सिंघाड़ा आदि खरीदा। ग्रामीण इलाकों में गोवर्धन पूजा के प्रति लोगों में विशेष उत्साह देखा गया। इसके अलावा बाजार में फूलन घास की बिक्री हुई। घरों में महिलाओं ने गोबर से गोवर्धन का प्रतीक पर्वत बनाकर उस पर फूलन घास से सजावट की थी। जंगल की रक्षा के लिए आकर्षक कपड़े पहना कर पाली पालन के प्रतीक बनाए गए थे।
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रामनगर में भी किया गया गोवर्धन पूजन
रामनगर स्थित राम मंदिर में गोवर्धन पूजा की गई। जगदीश मेंदीरत्ता, धर्मपाल लखानी, केडी अरोड़ा, हरीश अरोड़ा, अमित चटकारा, संजय अरोड़ा, दीपक बत्रा, सागर लखानी आदि ने ने सुख शांति की कामना की। वहीं, खानपुर में भी ग्रामीणों ने विधिविधान से गोवर्धन पर्वत और पशुओं की पूजा की। गोवर्धन पूजन के अवसर पर क्षेत्र के किसानों ने विधिविधान से गोवर्धन पर्वत को पूजा। मान्यता है कि इस दिन जो व्यक्ति पशुओं की सेवा करता है। उसे भगवान कृष्ण का आशीर्वाद मिलता है। धनतेरस से शुरू हुए पांच दिवसीय त्योहार के चौथे दिन गोवर्धन पूजा के लिए ग्रामीण महिलाओं ने परंपरा के अनुसार, गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाई। वहीं, किसानों ने सुबह से ही पशुओं को नहलाकर शाम तक पूजन के लिए तैयार किया।
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दीपावली के दिन (रविवार को) प्रह्लादपुर गांव के भूमिया खेड़े पर गांव और देश की तरक्की के लिए हवन यज्ञ किया गया। शिव हनुमान मंदिर के पुजारी प्रेमानंद गिरि ने कहा कि किसी भी धर्म का त्योहार हो, वह समाज में सद्भावना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि आज युवा पीढ़ी दीपावली को मात्र पटाखे जलाने का त्योहार मानती है। जबकि दीपावली रोशनी का पर्व का है। ऐसे में उन्होंने कहा कि कम से कम पटाखे जलाने चाहिए। वहीं, चौधरी कृपाल सिंह ने कहा कि हमें त्योहारों पर उन गरीब परिवारों की भी सुध लेनी चाहिए, जिनके पास खाने के लिए एक समय का खाना तक नहीं है। इस मौके पर विनोद शर्मा, कृपाल सिंह, चौधरी बुध सिंह, पूरणदत्त, महिपाल सिंह, अजय लाला, नरेंद्र शर्मा, अमर सिंह, कुशल पाल, तेजपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।
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