राजकीय प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन की शिकायत के बाद मिडडे मील का चार्ज लिपिक को देने का आदेश जिला शिक्षा अधिकारी ने अगले ही दिन वापस ले लिया है। साथ ही मामले में जांच के आदेश भी दे दिए हैं। इस आदेश से प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन और उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के कुछ पदाधिकारियों के बीच ठन गई है।
दो दिन पहले राजकीय प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिला शिक्षाधिकारी को पत्र भेजकर मिडडे मील का प्रभार शिक्षकों से वापस लेने की मांग की थी। उनका कहना था कि शिक्षकों की हाल ही में शिकायत मिली है कि मिडडे मील रुड़की सहप्रभारी शिक्षकों से सूचना लेने में प्रताड़ित करते हैं। प्राथमिक शिक्षा के जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर मिडडे मील का प्रभार लिपिक को देने की मांग की थी। शिकायत का संज्ञान लेते ही जिला शिक्षाधिकारी डॉ. विद्याशंकर चतुर्वेदी ने उप शिक्षा अधिकारी को चार्ज लिपिक को देने के आदेश दे दिए थे। वहीं आदेशों के अगले दिन उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी जिला शिक्षाधिकारी से मिलने हरिद्वार पहुंचे। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि मिडडे मील प्रभारी की शिकायत राजनीति से प्रेरित होकर की गई है। उत्पीड़न जैसा कोई मामला नहीं है। ऐसे में जिला शिक्षाधिकारी डॉ. विद्याशंकर चतुर्वेदी ने एक दिन पहले दिया अपना आदेश वापस ले लिया। साथ ही उप शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर मिडडे मील का चार्ज पहले की तरह रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने मामले में की गई शिकायत की जल्द जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। इस मामले के बाद शिक्षक एसोसिएशन और शिक्षक संघ के कुछ पदाधिकारियों के बीच ठन गई है।