अर्द्धकुंभ मेले के बावजूद हरकी पैड़ी क्षेत्र में अतिक्रमण और अनाधिकृत पार्किंग की शिकायतों पर प्रशासन की ओर से ध्यान नहीं देना इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। रविवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के हरिद्वार आने के दौरान लगे जाम व्यवस्थाओं की पोल खोल दी।
आडवाणी परिवार का काफिला रविवार को भीड़ का दबाव होने के बावजूद सीसीआर टावर की ओर से लाने के बजाय भीमगोड़ा बैरियर की ओर से सीधे हरकी पैड़ी लाया गया। यहां जितनी देर भी अस्थि विसर्जन चलता रहा उस दौरान बस और प्रशासनिक गाड़ियों समेत 20 से ज्यादा वाहन हरकी पैड़ी पर ही खड़े रहे।
जबकि हरकी पैड़ी चौकी से लेकर गंगा सभा के दफ्तर के ऊपर सड़क तक अनाधिकृत पार्किंग में सौ से भी ज्यादा बाइकें खड़ी थी। दुकानों के बाहर भी चार-चार फुट अतिक्रमण सड़क को संकरा किए हुए था। पुलिस ने इन्हें आज भी नहीं हटवाया।
दोपहिया वाहन चालकों पर निकाली सारी भड़ास
इसका नतीजा यह हुआ कि एकतरफ ललतारौ पुल से भी आगे तक और दूसरी तरफ सूखी नदी तक जाम लगा रहा। पुलिस वीआईपी लोगों को तो कुछ कह नहीं पाई अलबत्ता उधर से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालकों पर ही सारी भड़ास निकाली।
किसी को धक्का देकर तो किसी को वापस मोड़कर व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जाता रहा। करीब साढ़े ग्यारह बजे जब काफिला वहां से गुजरा तभी लोगों ने राहत की सांस ली।
लोग हांफे तो एसएसपी लगे अतिक्रमण हटाने
बीच सडक़ में बस और कारों का काफिला खड़ा रहने के कारण जब जाम लग गया और उसमें फंसे लोग गर्मी के कारण हांफने लगे तो पुलिस कुछ हरकत में दिखी वह भी जब खुद एसएसपी सैंथिल अबुदई कृष्णराज एस स्थिति को भांपकर खुद ही हरकी पैड़ी के सामने की दुकानों के बाहर किया गया अतिक्रमण हटवाने लगे तो मेला एसपी मणिकांत मिश्रा, सीओ जेपी जुयाल, सीओ सिटी चंद्रमोहन, कोतवाली प्रभारी महेंद्र सिंह नेगी और मेले के थाना प्रभारी टीएस राणा भी जाम खुलवाने के लिए दौड़े।
वनवे भी नहीं किया ट्रैफिक
इस दौरान अव्यवस्थाओं से ट्रैफिक रोककर भी बचा जा सकता था लेकिन पुलिस के बदइंतजामी का नतीजा यह रहा कि दोनों और जाम लग जाने के बाद भी हरकी पैड़ी क्षेत्र में ट्रैफिक का आवागमन नहीं रोका गया।
दोनों ओर से दोपहिया वाहनों के साथ ही हाथ रिक्शा और ई- रिक्शा जीरो जोन में दौड़ते रहे। अधिकारियों ने भी अपनी गाड़िया निकालने के लिए हिल बाईपास या पंतद्वीप पुल के बजाय बाजार का ही रास्ता चुना जिससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।