रुड़की। शासन की लापरवाही के चलते जिले के विकास विभाग में एक पद पर दो-दो डीडीओ (जिला विकास अधिकारी) को तैनाती दे दी गई हैं। इससे जहां मातहत दुविधा में हैं कि उनका साहब कौन हैं, वहीं दो-दो अधिकारियों के होने से विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शासन की ओर से तीन साल से जमे अधिकारियों का ट्रांसफर किया जा रहा है। इस क्रम में कई सालों से हरिद्वार में डीडीओ रहे एसएस शर्मा का ट्रांसफर भी देहरादून स्थित मनरेगा प्रकोष्ठ में कर दिया था। इनके स्थान पर चमोली से पुष्पेंद्र चौहान को डीडीओ बनाकर भेजा गया था। चौहान ने करीब 22 सितंबर के आसपास ज्वाइनिंग भी दे दी थी। लेकिन पुष्पेंद्र के पीछे-पीछे करीब एक सप्ताह बाद देहरादून से सुशील डोबाल को हरिद्वार जिले का डीडीओ बनाकर भेजने के साथ ही पुष्पेंद्र का कहीं और स्थानांतरण कर दिया। इससे नाराज पुष्पेंद्र चौहान ने शासन के आदेशों को कोर्ट में चुनौती दे डाली। लेकिन कोर्ट ने मामला फिर से शासन के पाले में डाल दिया था। कोर्ट ने शासन को ही इसके लिए अधिकृत कर दिया, लेकिन अभी तक शासन की ओर से इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। इस हीलाहवाली के चलते ब्लॉक क्षेत्र में होने वाले समस्त कार्यों की रिपोर्टिंग डीडीओ को नहीं हो पा रही है। ब्लॉक के अधिकारियों का कहना है दो-दो डीडीओ होने से वह रिपोर्टिंग भी नहीं कर पा रहे हैं। क्योंकि अभी यह साफ नहीं है कि डीडीओ है कौन।
इनका कहना है
उम्मीद है कि शासन की ओर से जल्द फैसला ले लिया जाएगा। इससे डीडीओ कौन है यह भी साफ हो जाएगा। बात रही काम करने की तो चूंकि पुष्पेंद्र ने पहले ज्वाइन किया था, इसलिए चार्ज में वही हैं।
डा. मेहरबान बिष्ट, सीडीओ, हरिद्वार