भगवानपुर क्षेत्र स्थित गांव डाडा जलालपुर में 16 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव पर शोभायात्रा के दौरान दो समुदाय के बीच जमकर पथराव हो गया था। पथराव के दौरान आगजनी की घटना भी हुई थी। बवालियों ने कार समेत बाइकें आग के हवाले कर दी थी। बवाल के बाद गांव में तनाव बन गया था।
डाडा जलालपुर में हुए बवाल की जांच हरिद्वार एसआईटी को सौंपी गई है। एसआईटी ने भगवानपुर पुलिस की ओर से बवाल प्रकरण संबंधी अब तक जुटाए गए सभी साक्ष्य और दस्तावेज अपनी सुपुर्दगी में ले लिए हैं। अब नए सिरे से एसआईटी बवाल प्रकरण की जांच करेगी। बताया जा रहा है कि एसआईटी जल्द ही गांव पहुंचकर ग्रामीणों के बयान दर्ज करेगी।
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भगवानपुर क्षेत्र स्थित गांव डाडा जलालपुर में 16 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव पर शोभायात्रा के दौरान दो समुदाय के बीच जमकर पथराव हो गया था। पथराव के दौरान आगजनी की घटना भी हुई थी। बवालियों ने कार समेत बाइकें आग के हवाले कर दी थी। बवाल के बाद गांव में तनाव बन गया था। जिलेभर से भारी पुलिस बल गांव में तैनात किया गया था। पुलिस ने इस मामले में 13 नामजद और 40 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था।
इस बीच महापंचायत का एलान हुआ तो पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पुलिस प्रशासन को महापंचायत पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए महापंचायत नहीं होने दी थी। वहीं, अब तक गांव में शांति व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस व पीएसी तैनात है। इस मामले की जांच प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह को सौंपी गई थी। अब इस मामले में एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने बवाल की जांच के लिए एसआईटी गठित की है।
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टीम प्रभारी इंस्पेक्टर चंद्र चंद्राकर नैथानी की ओर से पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी। एसआईटी प्रभारी ने बवाल संबंधी सभी साक्ष्य और दस्तावेज भगवानपुर पुलिस से अपनी सुपुर्दगी में लिए हैं। एसआईटी अब पूरे प्रकरण में नए सिरे से जांच करने के साथ ही जल्द ही गांव पहुंचकर ग्रामीणों के बयान दर्ज करेगी। एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई है। लॉ एंड ऑर्डर की जिम्मेदारी पुलिस की रहेगी। बवाल की जांच एसआईटी ही करेगी।