रुड़की। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने रविवार को उपजिला चिकित्सालय रुड़की का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई खामियां सामने आईं। खराब पड़ी सीटी स्कैन मशीन, कई कमरों में सीलन और अस्पताल परिसर में फैली गंदगी देखकर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि बिना लापरवाही किए मरीजों को सभी चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने ट्रॉमा सेंटर, ब्लड बैंक, आईसीयू, महिला एवं पुरुष वार्ड का जायजा लिया। इस दौरान पाया गया कि अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन लंबे समय से खराब पड़ी है। जिस पर उन्होंने इसे तत्काल बदलने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि मरीजों को जांच के लिए बाहर न जाना पड़े और इसके लिए सभी उपकरण कार्यशील अवस्था में होने चाहिए। दवाओं का इंतजाम करें, ताकि किसी को बाहर से दवा न मंगानी पड़े। उन्होंने अस्पताल के कई कमरों की जर्जर हालत और सीलन देख नाराजगी जताई। डीएम ने निर्देश दिए कि सीलन वाले कमरों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और जो भवन जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं, उन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाए।
साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। जिस पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बेहतर स्वच्छता व्यवस्था होनी चाहिए ताकि मरीजों और उनके परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मरीजों को अस्पताल में ही अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी टेस्ट, आईसीयू और दवाओं की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। किसी भी मरीज को बाहर से दवा न खरीदनी पड़े। उन्होंने कहा कि यदि कोई उपकरण खराब है तो उसकी जगह नया उपकरण लाने के लिए तुरंत प्रस्ताव तैयार किया जाए। वहीं, स्टाफ की कमी होने पर शासन को पत्र भेजने के भी निर्देश दिए। इस दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एके मिश्रा, ब्लड बैंक प्रभारी रजत सैनी, तहसीलदार विकास अवस्थी आदि मौजूद रहे।
नए ब्लड बैंक भवन में स्थानांरित करने के दिए निर्देश
नए ब्लड बैंक भवन का निरीक्षण करते हुए डीएम ने अधूरे कार्य जल्द पूर्ण करने और संबंधित संस्था से भवन का स्थानांतरण कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए धन की कोई कमी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि स्टाफ की कमी हो तो तत्काल शासन को प्रस्ताव भेजें।